केंद्रीय गृहमंत्री की रिव्यू मीटिंग की खबर प्रदेश के गृहमंत्री प्रीतम सिंह को किसी ने नहीं दी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह बीजापुर पहुंचे तब अपने गृहमंत्री की तलाश शुरू हुई।
अफसरों ने दूरभाष पर सूचना दी तो मंत्री जी की तल्खी बढ़ना लाजिमी था। इसके बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रीतम सिंह को फोन कर बैठक में आने को कहा।
लेकिन इस मिसमैनेजमेंट के चलते प्रदेश के गृहमंत्री बैठक शुरू होने के काफी देर बाद पहुंचे। 12 अगस्त को मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने सरकुलर जारी कर केंद्रीय गृह मंत्री के आने की सूचना सभी अफसरों को दी।
राजनाथ सिंह के आने के बाद मची प्रीतम सिंह की खोज
इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी हो रही थी लेकिन सूबे के गृहमंत्री को बैठक में आने की कोई सूचना नहीं थी।
राजनाथ सिंह के आने से कुछ ही देर पहले प्रदेश के गृहमंत्री प्रीतम सिंह की ढूंढ मची। दूरभाष पर संपर्क करना शुरू हो गया लेकिन समय से सूचना नहीं मिलने को लेकर मंत्री की तल्खी भी थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुद बात कर प्रीतम सिंह को आने के लिए कहा और एसएसपी देहरादून को निर्देशित किया केवे बाहर जाकर रिसीव करे। लेकिन देर से सूचना मिली तो बैठक शुरू होने के करीब आधा घंटा बाद प्रीतम सिंह पहुंचे।
गृहमंत्री ने लिखित में प्रस्ताव भेजने को कहा
इसके अलावा हर वर्ष पुलिस मॉड्रनाइजेशन के लिए मिलने वाले दस करोड़ की राशि को बढ़ाकर 25 करोड़ करने की मांग की।
इसके अलावा नार्थ ईस्ट की तर्ज पर पुलिस मॉड्रनाइजेशन में मिलने वाली धनराशि में केंद्रांश 75 के स्थान पर 90 प्रतिशत करने को कहा। केंद्रीय गृहमंत्री ने लिखित में प्रस्ताव भेजने को कहा।
डिजास्टर मैनेजमेंट के सचिव भास्करानंद ने प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा के दौरान सरकार को केंद्र की मदद के अलावा सौ करोड़ रुपए ऐसे कार्यों के लिए देने पड़े जिनके लिए केंद्र से आपदा की मद में कोई राशि नहीं मिलती।
यह धनराशि केंद्र से मिलनी चाहिए। इसके अलावा हिल्स स्टेट होने के नाते राज्य में छोटे हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए जाने चाहिए और एयरफोर्स की एक यूनिट स्थापित होनी चाहिए।
विभागवार प्रस्तुतिकरण
अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि एनडीएमए (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) को इतन सक्षम बनाया जाना चाहिए कि आपदा के समय हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाओं के लिए एयर फोर्स पर निर्भरता ना बनी रहे।
क्योंकि एएफ से कॉप्टर मिलने में समय लगता है। राजनाथ ने इसके लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह संधू ने सेंट्रल रिजर्व फारेस्ट एक्ट का मामला रखा।
अपने प्रस्तुतिकरण में संधू ने कहा कि यह व्यवस्था की गई थी कि राज्य विका कार्यों के लिए पांच हेक्टेयर फारेस्ट लैंड ले सकेगा। लेकिन अभी तक यह आदेश क्रियान्वित नहीं हुआ।
इससे विकास कार्य रुके हैं और सड़के भी नहीं बन पा रही है। यह भी बताया की फारेस्ट लैंड के चक्कर में सैकड़ों प्रोजेक्ट रुकेहैं। राजनाथ ने कहा कि लिखित में प्रस्ताव तैयार करके भेजे, एक्ट में यथासंभव संशोधन करेंगे।
प्रमुख सचिव गृह एमएच खान व एडीजी अनिल रतूड़ी ने पुलिस आधुनिकीकरण का प्रस्तुतिकरण दिया। गृह विभाग ने अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले अर्द्ध कुंभ के लिए पुलिस को आधुनिक बनाने की खातिर 53 करोड़ मांगे।