खुली सीमाएं होने के कारण लाखों की संख्या में नेपाली रोजगार के लिए भारत आते हैं। सीमांत के लोगों का कहना है कि दोनों देश धार्मिक, सांस्कृतिक रूप से समान हैं। यदि कड़वाहट ऐसे ही रही तो इसका सभी क्षेत्रों में बड़ा असर पड़ेगा। ऐसे में जो भी विवाद है उसे शीघ्र समाप्त किया जाना चाहिए।
सीमा को लेकर जो भी विवाद है उसको दोनों देश की सरकारों को आपस में बातचीत कर निपटारा करने की उम्मीद है। हमारे देश के रोटी-बेटी के संबंध को देखते हुए दोनों स्थानीय प्रशासन इसी प्रकार अच्छा तालमेल करके स्थानीय लोगों की समस्याओं का हल करना चाहिए, जो उचित भी है।
- कृष्णा गर्ब्याल, पूर्व अध्यक्ष रं कल्याण संस्था धारचूला।
सीमा विवाद दोनों देशों का राजनीतिक मामला है। उम्मीद है शीघ्र ही इसका हल निकल जाएगा। सीमांत के दोनों देशों के स्थानीय लोगों का आपस में सदियों से वैवाहिक और व्यापारिक संबंध हैं। इसलिए दोनों देशों की सरकारों को शीघ्र विवाद को सुलझाना चाहिए।
- मंगल सिंह ठकुन्ना, अध्यक्ष व्यापार मंडल दार्चुला (नेपाल)।