उत्तराखंड में शनिवार देर रात से ही पहाड़ से मैदान तक बारिश हो रही है। मैदानी इलाकों में जहां मानसून की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई वहीं, पहाड़ी इलाकों में मानसून अभी से कहर बरपा रहा है। रामनगर, नैनीताल, काशीपुर के साथ ही राजधानी देहरादून समेत आस पास के क्षेत्रों में भी बारिश से तापमान में गिरावट आई है।
हरिद्वार में रविवार सुबह तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं, कनखल के लाटो वाली कॉलोनी में भी पानी भरा गया है। बारिश के कारण चंडी देवी के पहाड़ से पत्थर भी गिर रहे हैं। इसके चलते रास्ता बंद हो गया है।
गरमपानी में भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे जौरासी के पास कोसी नदी पार कर रहीं तीन महिलाएं बह गईं। दो महिलाओं के शवों को निकाल लिया गया, जबकि तीसरी का पता नहीं चल सका है। तीनों रविवार सुबह नौ बजे जंगल से घास लेकर लौट रही थीं।
चमड़िया गांव निवासी कमला देवी (30) पत्नी राजेंद्र सिंह, लता देवी (26) पत्नी हरेंद्र सिंह बिष्ट और ललिता देवी (30) पत्नी दलीप सिंह घास काटने जंगल में गईं थीं। सुबह नौ बजे लौटते समय तीनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर कोसी नदी को पार कर रहीं थीं कि अचानक नदी में पानी बढ़ गया और तीनों बह गईं। स्थानीय दुकानदार आनंद सिंह की सूचना पर खैरना पुलिस, एसडीआरएफ, भवाली कोतवाली और कोश्याकुटौली की एसडीएम ऋचा सिंह राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं।
एसडीआरएफ ने तीन घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एसडीआरएफ की टीम के हेड कांस्टेबल लाल सिंह को कमला देवी का शव घटनास्थल से 400 मीटर दूर पत्थरों में फंसा मिला। लता देवी का शव एक किमी दूर से निकाला गया जबकि ललिता की तलाश में एसडीआरएफ और ग्रामीण लगे हुए हैं।
उधर, बागेश्वर में 6 घंटे जबरदस्त बारिश हुई। इससे नदी-नाले उफना गए। घरों और दुकानों में पानी घुस गया। बागेश्वर में सरयू घाट जलमग्न हो गया। बागेश्वर जिले में ढालन-खुनौली, नामतीचेट्टाबगड़ समेत 10 सड़कें बंद हो गईं। तीन कलवर्ट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कलनाबैंड-पंत क्वैराली, कपकोट-गैरखेत, ओखाधार-पापो, पालरीछीना-कराला पालड़ी, कठपुड़ियाछीना-सेराघाट, गरुड़-देवनाई,कांडा-मंतोली, बैड़ामझेड़ा सड़क भी बंद है। कई स्थानों में सड़कें बह गई हैं। कोसी में सिल्ट आने से जल संस्थान के तीनों पेयजल पंप 23 घंटे ठप रहे। इससे रविवार को भी अल्मोड़ा के कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
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वहीं, सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भूस्खलन से मुनस्यारी के दाखिम, बेड़ीनाग के बिठौली कांडे किरौली में दो मकान खतरे की जद में आ गए। दिगालीचौड़ में एक घर के आंगन की दीवार ध्वस्त होने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। थल- मुनस्यारी सड़क पर नया बस्ती और रातीगाड़ में लगातार मलबा गिर रहा है। रविवार सुबह नयाबस्ती में सड़क सुबह आठ बजे और रातीगाड़ में दस बजे हल्के वाहनों के खुली। चंपावत में बारिश से लोहावती, गंडक नदी के अलावा कई नाले उफान पर आ गए। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सुचारु रहा, लेकिन टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिन जगहों में डामर नहीं हुआ, वहां आवाजाही जोखिमभरी बनी है। वहीं, तराई में सुबह डेढ़ घंटे हुई बारिश से जलभराव हो गया। ट्रांजिट कैंप में कुछ मकानों में बरसाती पानी घुस गया।