खाद्यान्न भंडारण के लिए उत्तराखंड में मोबाइल स्टोरेज यूनिट
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में खाद्यान्न भंडारण पर भी जोर दिया गया है। सरकार विशेष रूप से पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के सहयोग से मोबाइल स्टोरेज यूनिट (एमएसयू) के उपयोग की संभावना तलाश रही है। इन इकाइयों को जल्द स्थापित किया जा सकता है और भंडारण क्षमता 400 मीट्रिक टन है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विश्व खाद्य कार्यक्रम ने छह राज्यों जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में स्थापित की जाएंगी।
उत्तराखंड की कृषि राष्ट्रीय औसत से अधिक टिकाऊ
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में उत्तराखंड की कृषि को लेकर भी काफी अच्छे संकेत सामने आए हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने पर्यावरणीय स्वास्थ्य, मिट्टी, पानी की गुणवत्ता और सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित 51 संकेतकों का उपयोग कर कृषि के टिकाऊ होने का एक समग्र सूचकांक जारी किया है। इस सूचकांक का औसत अनुमानित मूल्यांक 0.49 है, जो दर्शाता है कि भारतीय कृषि मध्यम रूप से टिकाऊ है। लेकिन मिजोरम, केरल, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मणिपुर, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड जैसे राज्यों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।