तहसीलदार पीएस चौहान ने बताया कि वायुसेना के अधिकारियों ने यहां रनवे की लंबाई एवं चौड़ाई का जायजा लेने के साथ ही एटीसी टावर, हैंगर, टर्मिनल भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आवश्यक सुविधाएं जुटाने को कहा है।
चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डा कई महीनों से सेना की छावनी बना हुआ है। सेना की हर्षिल छावनी के निकट गंगोत्री हाईवे पर स्थित सिविल हेलीपैड को भी सेना ने छावनी में तब्दील कर दिया है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक (डीजी) एसएस देशवाल चीन सीमा का दौरा करने के बाद लौट गए हैं। हेलीकाप्टर से नैनीसैनी पहुंचे डीजी ने 7वीं और 14वीं वाहिनियों के सेनानियों से मुलाकात की।
चीन सीमा पर चल रही तनातनी के बीच आईटीबीपी के डीजी एसएस देशवाल शनिवार को मुनस्यारी आए थे। इसके बाद उन्होंने रविवार और सोमवार को चीन सीमा के मिलम, दुंग सहित अग्रिम चौकियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा पर सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया।
जवानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को भी सुना। डीजी मंगलवार को मिलम से हेलीकाप्टर से नैनीसैनी हवाई पट्टी पहुंचे। यहीं पर आईटीबीपी के मिर्थी की सातवीं वाहिनी और जाजरदेवल की चौदहवीं वाहिनी के सेनानियों से बातचीत की। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेने के बाद हेलीकाप्टर से दिल्ली रवाना हो गए।