एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि बीआरओ की ओर से हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। सोमवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों की ओर से ग्रामीणों की पैदल आवाजाही करवाई जाएगी। वहीं, घाटी में अभी भी संचार और विद्युत सेवा सुचारु नहीं हो पाई है।
हेली सेवा शुरू नहीं हुई तो अनशन की दी चेतावनी
नीती घाटी के ग्रामीणों ने घाटी के गांवों में हेली रेस्क्यू शुरू न करने पर आक्रोश जताया। पूर्व दायित्वधारी ठाकुर सिंह राणा ने कहा कि घाटी के स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का अभाव है। अधिकांश ग्रामीणों के घरों में राशन समाप्त हो गया है, जिससे ग्रामीण परेशानी में जी रहे हैं। घाटी में बिजली और संचार सेवा ठप है। यदि शीघ्र घाटी में हेली रेस्क्यू शुरू नहीं किया गया तो जोशीमठ तहसील परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
चिनूक से की जा रही सैन्य जरूरतों की आपूर्ति
मलारी हाईवे बंद होने से चीन सीमा पर मुस्तैद सेना के जवानों की आवाजाही और जरूरी सामग्री की सप्लाई चिनूक के माध्यम से की जा रही है। जोशीमठ से चिनूक सामग्री लेकर सीमा क्षेत्र में पहुंच रहा है। रविवार को भी चिनूक ने जोशीमठ से सीमा क्षेत्र के लिए उड़ान भरी।