बीते कुछ दिनों से भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान इस सीमावर्ती क्षेत्र में उड़ान भरकर रेकी कर रहे हैं, जबकि सड़क के रास्ते भी अतिरिक्त सुरक्षा बल बॉर्डर की ओर भेजे जा रहे हैं। चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डा आजकल सेना का ट्रांजिट कैंप बना हुआ है।
देश के अन्य हिस्सों से बख्तरबंद वाहनों में बड़ी संख्या में सेना के जवान यहां पहुंच रहे हैं। कुछेक दिन यहां ठहरने के बाद इन जवानों को हर्षिल एवं नेलांग क्षेत्र की अग्रिम चौकियों की ओर भेजा जा रहा है।
बीते एक हफ्ते में यहां सेना के करीब 400 जवानों की आमद हो चुकी है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण सेना एवं प्रशासन के अधिकारी इस बारे में कुछ बता नहीं रहे हैं।