उत्तराखंड में पिछले चुनाव के मुकाबले इस लोकसभा चुनाव में जिन प्रत्याशियों की संपत्ति में दो करोड़ से ज्यादा का इजाफा हुआ है, वह इनकम टैक्स के राडार पर हैं।
30 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट
चुनाव में प्रत्याशी के रूप में उतरने वाले ऐसे सभी लोगों के हलफनामे जांचे जाएंगे। चुनाव आयोग ने आयकर निदेशक (जांच) से 30 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है।
जिन प्रत्याशियों के पास परमानेंट एकाउंट नंबर (पैन) नहीं है और संपत्ति में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है, उनकी जांच सबसे पहले होगी। आयोग ने इस चुनाव के साथ ही इससे पहले के चुनाव में शामिल प्रत्याशियों के हलफनामे की सीडी भी आयकर निदेशालय को भेजी है।
प्रत्याशियों के आयकर रिटर्न की साफ्ट कापी भी आयकर निदेशालय के अफसरों को मुहैया कराई गई है। दोनों का मिलान किया जाए। सेंट्रल बोर्ड फार डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने भी जल्द से जल्द यह कवायद शुरू करने की बाबत कहा है।
इनकम टैक्स रिटर्न में असमानताएं
जांच चार बिंदुओं पर होगी। ऐसे प्रत्याशी, जिनके इस बार और पिछली बार के चुनाव में दाखिल हलफनामे में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी है। ऐसे विजयी प्रत्याशी जिनके हलफनामे और इनकम टैक्स रिटर्न में असमानताएं हैं।
ऐसे प्रत्याशी जिनके पास पैन नहीं है, पर संपत्तियों की घोषणा हलफनामे में की है। ऐसे प्रत्याशी, जिनके पिछले हलफनामे के मुकाबले इस बार संपत्ति में दो करोड़ से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है।
संयुक्त निदेशक (जांच) आयकर नीता अग्रवाल के अनुसार आयोग की तरफ से पहले ही इस तरह के निर्देश हैं। कार्रवाई हो रही है।