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सेना में धर्मशिक्षक परीक्षा में शास्त्री उपाधि धारकों को करें शामिल

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04 देवभूमि ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सम्मानित करते ट्रस्ट के सदस्य। - फोटो : RISHIKESH
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देवभूमि ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट की ओर से एक बैठक आयोजित की गई। इसमें ट्रस्ट पदाधिकारियों ने भारतीय सेना में धर्मशिक्षक परीक्षा में शास्त्री उपाधि धारकों को शामिल किए जाने की अनुमति दिए जाने की मांग की। महासभा की ओर से केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट को ज्ञापन भेजा गया है।
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सोमवार को आयोजित बैठक में देवभूमि ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट उत्तराखंड के अध्यक्ष विशालमणि भट्ट ने बताया कि सेना की ओर से धर्मगुरु की परीक्षा में शास्त्री उपाधि धारकों को बाहर किए जाने पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट को पत्र व दूरभाष के माध्यम से शास्त्री उपाधि धारकों को परीक्षा में शामिल किए जाने की मांग की है। इस पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री ने उन्हें इस संबंध में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। भट्ट ने कहा कि भारत के सभी संस्कृत विश्वविद्यालयों में यूजीसी की ओर से शास्त्री बीए के समकक्ष और आचार्य एमए के समकक्ष मान्यता प्राप्त है। बावजूद इसके सेना में शास्त्री के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव का रवैया अनुचित है। बैठक में सुशील रतूड़ी, भगवती प्रासद उपाध्याय, रोशन पैन्यूली और भाष्कर पैन्यूली आदि मौजूद थे।
भगवती प्रसाद उपाध्याय बने महासभा के प्रदेश अध्यक्ष
ऋषिकेश। देवभूमि ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट ने कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें संजय गैरोला संरक्षक, भगवती प्रसाद उपाध्याय को महासभा का प्रदेश अध्यक्ष और योगेश पांडे को कुमाऊं मंडल का उपाध्यक्ष चुना गया है।
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