ऋषिकेश में आईडीपीएल को दी गई वन भूमि की लीज भी पूरी हो चुकी है। छह महीनों के भीतर यह भूमि वन महकमे को हैंडओवर होनी है। लेकिन यहां फैक्ट्री के आसपास 20 हजार से अधिक परिवार बस गए हैं। इसी तरह लालकुआं बिंदू खत्ता क्षेत्र में भी हजारों परिवार बस चुके हैं।
| राज्य |
वन भूमि पर कब्जा (हेक्टेयर में) |
| जम्मू कश्मीर |
16512.39 |
| मिजोरम |
10852.80 |
| उत्तराखंड |
10649.11 |
| हिमाचल |
6252.00 |
| सिक्किम |
2817.21 |
| त्रिपुरा |
3631.80 |
| मणिपुर |
2213.82 |
| नगालैंड |
25.89 |
उत्तराखंड में 38,000 वर्ग किमी वन क्षेत्र
उत्तराखंड राज्य का भौगोलिक क्षेत्र 53,483 वर्ग किलोमीटर है। इसमें 26,547 वर्ग किमी आरक्षित वन है, जबकि 9,885 वर्ग किमी संरक्षित वन हैं। 1568 वर्ग किमी अवर्गीकृत वन भी हैं। इस प्रकार राज्य में अभिलिखित वन क्षेत्र 38,000 किमी है।
राज्य में कई स्थानों पर वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण है। कुछ इलाकों में वन भूमि लीज पर दी गई थी। वहां लीज की अवधि पूरी हो गई है। लेकिन इस बीच उस भूमि पर हजारों की संख्या में परिवारों की बसावट हो चुकी है। इस तरह के मामलों के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
- विनोद कुमार सिंघल, वन प्रमुख