अवैध खनन को लेकर उत्तराखंड में मचे घमासान ने दस जनपथ को भी हिला दिया है।
मंत्री व बड़े नेताओं की शिकायत के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अम्बिका सोनी ने राज्य सरकार से खनन के मामलों पर रिपोर्ट तलब की है।
मंगलवार को कृषि मंत्री हरक सिंह ने भी प्रदेश प्रभारी को अपडेट किया। अवैध खनन के इस खेल का अब पूरी तरह से राजनीतिकरण हो चुका है।
अवैध खनन से कानून व्यवस्था बिगड़ी
वैसे भी अवैध खनन के धंधे की वजह से कई जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।
इससे पहले एफएल-2 की कथित डील की शिकायतें भी दिल्ली पहुंचाई जा चुकी है। प्रदेश में हो रहे अवैध खनन की खन-खन अब दस जनपथ पहुंच गई है।
हर रोज हो रहे करोड़ों रुपए के अवैध खनन के खेल में मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, कांग्रेस नेता, प्रदेश के नौकरशाह, उत्तराखंड व पश्चिमी यूपी के खनन माफिया लगे है।
हथियारों से लैस लोगों के आगे आबादी चुप
जो मौके पर काम कर रहे हैं उनके साथ हथियारों से लैस लोग होते हैं जिनके सामने आस पास की आबादी वाले चुप रहते है और जिला प्रशासन व पुलिस ने भी पीठ फेर रखी है।
ऐसे हालात की जानकारी विगत दिवस ही काबीना मंत्री इंदिरा ह्दयेश ने मुख्यमंत्री को भी दी है। मंगलवार को ही कृषि मंत्री हरक सिंह प्रदेश प्रभारी अम्बिका सोनी को भी यही किस्सा सुनाया।
हरक सिंह के साथ एक दो विधायक भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने सोनी के सामने यह तर्क रखा कि कि जिन खनन माफियाओं के सामने प्रशासन व पुलिस बौनी साबित हो रही है उन्हें सरकार का संरक्षण है।
अंकुश नहीं लगाने के पीछे क्या मजबूरी?
और यदि ऐसा नहीं है तो सरकार को यह बताना चाहिए कि माफियाओं पर अंकुश नहीं लगाने के पीछे क्या मजबूरी है।
हालांकि हरक सिंह रावत ने इसे शिष्टाचार वाली मुलाकात बताया। उधर, आबकारी विभाग की नीति में संशोधन कर एफएल-2 लागू करने का मुद्दा भी कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच गया है।
पिछले दिनों से यही शिकायत हो रही है कि एफएल-2 के मामले में बड़े शराब माफियाओं के शामिल है। इसकेबाद प्रदेश प्रभारी अम्बिका सोनी ने राज्य सरकार से अवैध खनन और एफएल-2 केमुद्दे पर रिपोर्ट मांगी है।
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