कैंट बोर्ड के प्रतिबंधित क्षेत्र आईएमए से सटे केहरी गांव में अवैध निर्माण व प्लाटिंग का काम धड़ल्ले से हो रहा। यहां ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी होने के बावजूद कैंट बोर्ड चुप्पी साधे है। केवल नोटिस थमाने तक ही अपने को सीमित कर रखा है।
दरअसल, केहरी गांव के कुछ क्षेत्र में कैंट बोर्ड की कई बीघा भूमि है। सुरक्षा के लिहाज से इस क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया है। यहां निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, लेकिन खाली पड़ी भूमि पर लंबे समय से भूमाफिया की नजर लगी हुई थी। धीरे-धीरे भूमाफिया ने कैंट बोर्ड के नाक के नीचे पेड़ों का कटान कर खाली भूमि पर प्लाटिंग शुरू कर दी। वर्तमान में इस क्षेत्र में कई अवैध निर्माण हो चुके हैं और अभी भी जारी है। लगातार शिकायतों के बावजूद बोर्ड आंखें मूंदे बैठा है। कुछ माह पूर्व बोर्ड ने कुछ निर्माणों पर नोटिस भी जारी किया था, लेकिन फिर चुप बैठ गया।
इसका फायदा उठाते हुए यहां रोजाना अवैध निर्माण और प्लाटिंग जारी है। चूंकि यह क्षेत्र प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी से सटा हुआ है, इसलिए अवैध निर्माणों से आईएमए की सुरक्षा पर भी आंच आने की आशंका हैं। बावजूद कैंट बोर्ड अवैध निर्माण और प्लाटिंग को लेकर लापरवाह बना हुआ है। बाबत कैंट बोर्ड के जेई नवनीत क्षेत्री ने कहा कि शिकायत के बाद यहां कुछ माह पहले निरीक्षण कर नोटिस जारी किए थे। इसके बाद समय न मिलने से निरीक्षण नहीं हो सका। कहा कि जल्द निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।