आईआईटी रुड़की में एमटेक मैकेनिकल द्वितीय वर्ष के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव छात्रावास के कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला।
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पुलिस को मिला सुसाइड नोट
घटनास्थल से पुलिस को एक नोट मिला है जिसमें उसने डाक्टर न बनने का अफसोस जताया है। बताया गया है कि दो दिन से कमरे का दरवाजा बंद था।
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घटना की जानकारी दोपहर को उस समय हुई जब एक साथी लैपटॉप लेने कमरे में आया। छात्र के आत्महत्या करने की सूचना से आईआईटी परिसर में हड़कंप मच गया।
महाराष्ट्र का निवासी था छात्र
महाराष्ट्र के लातूर जिले के ग्राम हांचल पोस्ट संगम निवासी बिरादर उदय तनाजीराव आईआईटी में एमटेक मैकेनिकल द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह आईआईटी के कोटले भवन के कमरा नंबर जी-8 में रहता था।
जूनियर छात्र ने देखा सबसे पहले उसने एक जूनियर छात्र से लैपटॉप काम करने के लिए ले रखा था। बुधवार दोपहर डेढ़ बजे जूनियर छात्र अपना लैपटॉप लेने के लिए वहां पर आया।
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छात्र ने कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने दरवाजे को धक्का दिया तो सामने पंखे से छात्र का लटका शव देख उसके होश उड़ गए।
सुसाइड की सूचना से कैंपस में सनसनी
छात्र के शोर मचाने पर छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्र भी वहां पहुंच गए। घटना से परिसर में सनसनी फैल गई। छात्रों ने आईआईटी के अधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया।
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सूचना मिलते ही आईआईटी सुरक्षा अधिकारी केपी सिंह समेत संस्थान के उपनिदेशक प्रो. एसपी गुप्ता, डीन प्रशासन यूपी सिंह एवं डीन स्टूडेंट प्रो. रवि कुमार मौके पर पहुंचे।
लोई का बनाया था फंदा कमरे में छात्र का शव छत के पंखे में लोई के फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने किसी तरह से छात्र का शव पंखे से नीचे उतारा।
पहले भी आकर लौट गया था जूनियर छात्र
बताया गया है कि मंगलवार को भी जूनियर छात्र अपना लैपटॉप लेने आया था। लेकिन दरवाजा नहीं खुलने पर वह लौट गया था।
डॉक्टर ना बन पाने का अफसोस पुलिस को मृतक छात्र के पास से कागज पर लिखा एक नोट भी मिला है जिस पर लिखा है कि उसे डॉक्टर नहीं बन पाने का अफसोस है।
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पुलिस का कहना है कि शव की हालत देखकर लग रहा है कि तनाजीराव ने 10 फरवरी की रात को खुदकुशी की है।
आखिरी रात नेट पर सर्च की थी ये न्यूज
मृतक छात्र ने खुदकुशी से पूर्व लैपटॉप पर इंटरनेट चला रहा था। इंटरनेट पर तनाजीराव न्यूज की अपडेट देख रहा था।
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पुलिस ने कमरे से बरामद लैपटॉप को चेक किया। जिसमें पाया गया कि लैपटॉप पर आखिरी समय में न्यूज अपडेट की साइटों को क्लिक किया गया था।
सुसाइड से पहले गुस्से में था छात्र मौत को गले लगाने से पहले छात्र तनाव में था और गुस्से में भी था। कमरे के हाल और बरामद मोबाइल को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा रहा है। पुलिस ने कमरे से बरामद किए मोबाइल की स्क्रीन टूटी पाई है।
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अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत को गले लगाने से पहले छात्र काफी गुस्से में था। तनाव और गुस्से के कारण ही हो सकता है कि उसने मोबाइल को फेंककर मारा हो। जिससे उसकी स्क्रीन टूट गई हो।
मृतक छात्र के पिता महाराष्ट्र के लातूर जिले के हांचल गांव में किसान है जबकि बड़ा भाई दिल्ली में डॉक्टर है।
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तनाजीराव आईआईटी जैसे संस्थान में एमटेक कर रहा था। बावजूद इसके वह अपने करियर से संतुष्ट नहीं था। कहीं न कहीं उसे इस बात का मलाल था कि उसका बड़ा भाई डॉक्टर बनकर कामयाबी की राह पर है।
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शायद यही कारण है कि मरने से पहले लिखे गए नोट में उसने डॉक्टर न बन पाने पर अफसोस जताया है।