भारतीय सेना में मानव संसाधन और मैटीरियल मैनेजमेंट जैसे अहम विषयों का समावेश कर ऑपरेशनल और ट्रेनिंग सुधारने की कवायद चल रही है।
भविष्य के सैन्य अफसरों को किस तरह से प्रबंधन में निपुण कर बेहतरीन योद्धा बनाए जा सकता है इसको लेकर भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में मंगलवार को आईआईएम और सेना के मैनेजमेंट गुरुओं ने मंथन शुरू किया।
देश के सात प्रमुख इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट (आईआईएम) के विशेषज्ञों वाले आर्मी मैनेजमेंट स्टडीज बोर्ड (एएमएसबी) का हिस्सा हैं जो भविष्य की प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्वरूप तय करेगा।
भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में बोर्ड की 16वीं बैठक मंगलवार को शुरू हुई। आईआईएम अहमदाबाद, लखनऊ आदि के अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट और आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कोलकाता के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
बोर्ड के चेयरमैन और आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आर्र्टेक) के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल पीएम हारिज की अध्यक्षता में दो दिवसीय बैठक चलेगी। पहले दिन बोर्ड ने सेना में प्रबंधन से संबंधित अध्ययन और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बदलाव को लेकर चर्चा हुई।