देहरादून। जंगल में जानबूझकर आग लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही वन संपदाओं को हुए नुकसान की भी वसूली की जाएगी। डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को ये दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने वन, राजस्व, पुलिस, पंचायत, ग्राम्य विकास, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, वन पंचायत समेत सभी विभागों को वनाग्नि रोकने के सभी उपाय समय से पूरा करने की बात कही है।
डीएम ने कहा कि वनाग्नि पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके इसके साथ इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। सड़कों पर लगे साइन बोर्ड पर वन विभाग के अधिकारियों मोबाइल नंबर अंकित की जाएं। डीएम ने विकासखंड, न्याय पंचायत स्तर, ग्राम पंचायत व वन पंचायत स्तर पर वनाग्नि पर जोर दिया। उन्होंने जनजागरूकता के लिए उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, पटवारियों, लेखपालों, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को वनों से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जंगल में आग लगाने से होने वाले पर्यावरणीय, स्वास्थ्य, भूमि, पानी, पैदावार, बाढ़, वन्यजीवों को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी सड़क निर्माण एजेंसियों को तारकोल जलाने व मजदूरों के खाना बनाने की आग पूरी तरह से बुझाना सुनिश्चित करें। जंगल में आग लगाने का दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए। साथ ही वन संपदाओं को हुए नुकसान का जुर्माना भी वसूला जाए। बैठक में नोडल अधिकारी एवं प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान, सीडीओ नितिका खंडेलवाल, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग कहकशां नसीम, एसपी प्रकाश चंद्र, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश वरुण चौधरी, एसडीएम मसूरी मनीष कुमार, एसडीएम डोईवाला लक्ष्मीराज चौहान, एसडीएम कालसी संगीता कन्नौजिया, सीएमओ डॉ. अनूप कुमार डिमरी समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।