शिकारी लखपत रावत ने बताया कि गोली गुलदार के सीने पर लगी थी। जिस तरह से खून व उल्टी मिली है, उससे यह तय है कि उसका दिल और फेफड़ा फट चुका है। गंभीर हालत में होने के कारण वह अपने को सुरक्षित करने के लिए किसी गुफा या चट्टान की ओट में छुपा हो सकता है, लेकिन गुलदार के मिलने पर ही पूरे मामले का पटाक्षेप हो पाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता मोहित डिमरी, पूर्व प्रधान सोबन सिंह ने बताया कि घटना के बाद से लोगों में भय बना हुआ है।
दूसरी तरफ महिला के शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम के बाद पैतृक घाट पर गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई है। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को मुआवजे की तीस प्रतिशत धनराशि का चेक सौंप दिया गया है। शेष राशि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद दे दी जाएगी।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने पपडासू गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा भी दिया। रविवार शाम को गांव पहुंचे डीएम ने गुलदार का शिकार बनी कौशल्या देवी (55) पत्नी जगत सिंह के परिजनों से बातचीत की। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी हरसंभव मदद की जाएगी।
इस मौके पर ग्रामीणों ने गांव में जंगली जानवरों को भगाने के लिए सोलर डिवाइस लगाने की बात कही। साथ ही सड़क से गांव के रास्ते में दो-तीन सोलर लाइट लागने की मांग भी की। जिलाधिकारी ने गांव में तैनात शिकारी जॉय हुकिल और लखपत सिंह रावत से गुलदार के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। इस मौके पर क्षेपंस अजय सिंह पुंडीर, ग्राम प्रधान विमल सिंह, पूर्व प्रधान सोबन सिंह, अनिल जुगराण, मोहित डिमरी, महिला मंगल दल अध्यक्ष समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।