हल्द्वानी में गौला नदी से सटी आईएसबीटी की जमीन पर खुदाई में निकले कब्रनुमा चबूतरों की गुत्थी सुलझ नहीं रही है। इनमें मिली हड्डियां ज्यादातर बच्चों की है। कब्रों को सहेजने और सत्यता का पता लगाने में प्रशासन की रुचि नहीं है। मामला सामने आने के बाद भी न तो इतिहासकारों की टीम को बुलाई न ही अफसरों ने खुद निरीक्षण किया। इतिहासकार भी सटीक टिप्पणी करने से परहेज कर रहे हैं।
आठ हेक्टेयर रिजर्व वन भूमि के इलाके में इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का काम हो रहा है। कार्यदायी संस्थान नागार्जुन ने जब वन भूमि को समतल करने के लिए खुदाई का काम किया तो वहां हडि्डयां निकलनी शुरू हो गईं। पहले तो इसे हल्के में लिया गया लेकिन मंगलवार को कब्रनुमा चबूतरे निकलने लगे।
कब्रिस्तान होने के संदेह में खुदाई कर रहे मजदूर डर गए और सुपरवाइजर को इसकी सूचना दी। इसके बाद कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने भी निरीक्षण किया और काम पर रोक लगा दी। बुधवार को बनभूलपुरा थाना पुलिस ने उस स्थान का मौका मुआयना किया जहां बच्चों की कब्रें ज्यादा मिली हैं। पुलिस को एक बच्चे की खोपड़ी की हड्डी भी पड़ी मिली। पुलिस ने इसका पंचनामा भरकर कब्जे में ले लिया है। बाद में कब्रों की रिपोर्ट आला अफसरों को दी।