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आपदा से कांपी देवभूमि, हुआ जानमाल का भारी नुकसान

Mon, 04 Jul 2016 10:10 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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disaster in uttarakhand - फोटो : अमरउजाला
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उत्तराखंड शासन ने बीते बृहस्पतिवार को आई आपदा में भारी जानमाल के नुकसान का आंकड़ा सार्वजनिक किया है।
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आपदा सचिव शैलेश के मुताबिक पिथौरागढ़ के डीडीहाट और थल तहसील में अत्यधिक वर्षा से त्वरित बाढ़ और मलबा आने की घटनाएं हुई हैं। बताया कि ग्राम सिगांली, दाफीला, बस्तड़ी एवं नौलड़ा क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा से अब तक करीब 160 परिवारों के प्रभावित होने के साथ ही नौलड़ा गांव में तीन, बस्तड़ी में 11, चर्मा में एक व्यक्ति की मृत्यु की खबर है।

कुल 15 लोगों ने आपदा में अपनी जान गंवाई और तीन व्यक्ति गंभीर घायल हैं, जबकि 12 लोगों के लापता होने की सूचना है। वहीं कुल 164 पशुओं के बहने के साथ ही पिथौरागढ़ से 12 भवन आंशिक और चार भवन पूर्णत: क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक आपदा प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास के रूप में टेंट व खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। प्रभावित परिवारों को राहत शिविर में रखा गया है। डीडीहाट के बस्तड़ी ग्राम में स्कूल एवं पंचायतघर में 50 लोग, ग्राम सिघाली के राजकीय इंटर कॉलेज में 150 लोग, ग्राम मल्ला पत्थरकोट स्थित प्राथमिक विद्यालय में 15 लोग और मुनस्यारी के ग्राम नौलाड़ा में जू. हाईस्कूल में 25 लोग ठहराए गए हैं।

रविवार तक कुल 284 मार्ग बंद हुए थे, जिसमें से 110 मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। बाकी मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुुमाऊं मंडल के लिए वैली ब्रिज, चार फोल्डिंग ब्रिज और चार ट्रॉली भी वैकल्पिक यातायात के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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वर्तमान में कुल 12 मुख्य मार्ग जिले में अवरुद्ध

landslide on gangotri highway - फोटो : अमरउजाला
खोज, बचाव और राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसएसबी, आसाम रेजीमेंट, आईटीबीपी, खोज एवं बचाव दल डीएमएमसी, पुलिस फोर्स व राजस्व विभाग की टीम द्वारा कार्य किया जा रहा है।

पिथौरागढ़ के लिए एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम भेजी जा रही हैं। इसमें डॉग स्क्वॉड भी शामिल है, जिसमें मलबे में दबे लोगों को खोजने में सहयोग मिलेगा। वर्तमान में कुल 12 मुख्य मार्ग जिले में अवरुद्ध है, जिसमें नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग को छोड़कर शेष मार्गों को दो दिन में खोल दिया जाएगा। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश सड़क मार्ग खुल जाने से चमोली-चोपता-ऊखीमठ मार्ग परिवहन के लिए खुल जाने से अधिकांश यात्री और पर्यटन अपने गंतव्य को जा चुके हैं।

चमोली-कर्णप्रयाग मार्ग भी रविवार रात तक खुलने की संभावना है। ऋषिकेश-गौरीकुंड (केदारनाथ) राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुला है। ऋषिकेश-यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग भी यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। अधिकारियों ने दावा किया कि देहरादून में कालसी तहसील के तहत मेहसासा ग्राम में भूस्खलन व मलवा आने से घरों में मलवा घुसने की घटना हुई है, जिसमें मानव क्षति नहीं हुई है। कुछ पशुओं की हानि हुई है, इसके लिए राहत आवंटन भी कार्रवाई की जा रही है।

Published By : Nirmala Suyal
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