नगर निगम अब देहरादून की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों से भी हाउस टैक्स वसूलेगा।
गुरुवार को निगम की बोर्ड बैठक में इस पर सदन ने मुहर लगा दी। चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को गृहकर में छूट समेत आठ अन्य प्रस्तावों को भी बोर्ड ने पारित कर दिया।
हालांकि, राज्य आंदोलनकारियों को यह छूट उनके नाम पर पंजीकृत संपत्तियों में से किसी एक पर ही दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि छूट के दायरे में आने वाले घरों में वाणिज्यिक गतिविधियां चल रही हों तो छूट नहीं दी जाएगी।
इन पर लगी मुहर
मलिन बस्तियों पर भी गृहकर लागू होगा, लेकिन मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण जो रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना ला रहा है, ये बस्तियां उसके दायरे से बाहर होनी चाहिए, यानी जो बस्ती डेवलपमेंट योजना के जद में आएगी, वहां कर नहीं लगेगा।
उत्तराखंड आंदोलन में शहीद आंदोलनकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को गृहकर में सौ प्रतिशत छूट दी जाएगी, लेकिन अगर आधी संपत्ति किराये पर है तो यह छूट नहीं मिलेगी, छूट भी सिर्फ शहीद आंदोलनकारी या सेनानी के माता-पिता या पति-पत्नी को ही मिलेगी।
चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को गृहकर में 25 फीसदी छूट दी जाएगी, लेकिन यह छूट केवल एक ही संपत्ति पर लागू होगी।
...तो नहीं मिलेगी छूट
- गृहकर में छूट का प्रावधान सिर्फ घरेलू उपयोग पर होगा, व्यावसायिक उपयोग पर छूट नहीं मिलेगी, बल्कि गृहकर ज्यादा चुकाना होगा
- भवन स्वामी के अलावा किरायेदार भी मकान में रह रहे हैं या भवन में कोई दफ्तर या दुकान खुली है तो गृहकर में कोई छूट नहीं दी जाएगी
- व्यावसायिक भवन दस वर्ष पुराना है तो भवन कर 25 फीसदी अतिरिक्त होगा, अगर 20 वर्ष पुराना है तो भवन कर 12.5 फीसदी अतिरिक्त वसूला जाएगा
जल्द होगा कर का निर्धारण
बैठक में तय हुआ कि नगर निगम क्षेत्र में आने वाले मलिन बस्तियों में गृहकर लागू करने के लिए जल्द कवायद शुरू होगी। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग द्वारा चिह्नित भवनों को छोड़कर कट आफ डेट निर्धारित करते हुए गृहकर निर्धारित किया जाएगा। शहर में अभी 122 मलिन बस्ती हैं।
पुराने आवासीय भवनों पर छूट
बोर्ड बैठक में पुराने मकानों में रह रहे लोगों को गृहकर में छूट देने का निर्णय हुआ। दस साल पुराने भवन पर 25 फीसदी, बीस साल पुराने भवन पर 32.5 फीसदी व इससे पुराने भवनों पर 40 फीसदी छूट मिलेगी।
कब्जों का प्रस्तुतीकरण
बोर्ड बैठक में शहर में निगम की जमीनों पर हुए कब्जों, अवैध निर्माणों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि निगम अवैध कब्जों पर गंभीर है।
सभी अवैध निर्माणों की वीडियो रिकार्डिंग की गई है। प्रस्तुतीकरण में यह भी दिखाया गया कि निगम ने किन स्थानों पर जमीनों से कब्जे हटा लिए हैं।
नगर निगम की बोर्ड बैठक में नौ प्रस्तावों को पारित किया गया। बस्तियों से गृहकर वसूलना बड़ा निर्णय है, इससे निगम की आय भी बढ़ेगी।
- विनोद चमोली, मेयर