योजना में ये वित्तीय लाभ
पंडित दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत सरकार की ओर से मैदानी क्षेत्रों में होम स्टे के लिए 25 प्रतिशत या अधिकतम 7.50 लाख रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में 50 प्रतिशत अधिकतम 15 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा पांच साल तक ब्याज दर में मैदानी क्षेत्रों में एक लाख रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में 1.50 रुपये दिए जा रहे हैं। पिछले चाल साल के भीतर प्रदेश में योजना के तहत 3964 होम स्टे का पंजीकरण किया गया।
योजना के पीछे सरकार का मकसद पहाड़ों से पलायन रोकना और स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार को शहरों के बजाय पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे को बढ़ावा देने पर फोकस करना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे के लिए दोगुनी सब्सिडी दी जानी चाहिए। सरकार को भी इस संबंध में सुझाव दिया गया। -संदीप साहनी, अध्यक्ष उत्तराखंड होटल एसोसिएशन
होटल एसोसिएशन की ओर से सरकार को पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया था। इस पर योजना में बदलाव करने का विचार किया जा रहा है। -दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन