राजधानी में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने में नाकाम रही पुलिस का पेंच कसने के लिए रविवार देर रात प्रमुख सचिव गृह एमएच खान सड़क पर उतरे। उन्होंने तीन थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया और पुलिस की रात्रि गश्त का जायजा लिया।
खान को रास्ते में कई जगहों पर पुलिस पिकेट खाली मिली, जिस पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई। जो जवान गश्त करते मिले, उनके पास वायरलेस तक नहीं था।
इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ कहा कि चोरी हो या अन्य घटनाएं उनकी रिपोर्ट लिखने में कोताही न बरती जाए। कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए वह समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहेंगे।
10 मिनट पहले मिली जानकारी
प्रमुख सचिव गृह एमएच खान देर रात करीब 11.30 बजे अचानक कोतवाली पहुंचे। पुलिस अधिकारियों को उनके दौरे की जानकारी 10 मिनट पहले लग पाई थी। जानकारी मिलते ही एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर और सीओ सिटी प्रमोद कुमार कोतवाली पहुंचे।
खान ने कोतवाली का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अपराधों की समीक्षा की। यहां से वह चकराता रोड और बल्लूपुर चौक होते हुए करीब 12 बजे बसंत विहार थाने पहुंचे। इस दौरान रास्ते में उन्हें कई पुलिस पिकेट खाली मिले।
इस पर उन्होंने एसपी सिटी और सीओ सिटी से नाराजगी जताई। गश्त कर रहे जवानों के पास वायरलेस नहीं मिलने पर भी खान ने नाराजगी जताई। उन्होंने अफसरों से गश्ती दल को वायरलेस मुहैया कराने के आदेश दिए।
अपराध बढ़ने की बात स्वीकारी
बसंत विहार थाने से निकलकर वह करीब एक बजे पटेल नगर थाने पहुंचे। इस दौरान खान ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अपराध दर्ज करने में देरी नहीं होनी चाहिए। समीक्षा केवल इस बात की नहीं होनी चाहिए कि अपराध बढ़ गए हैं।
अमर उजाला से बातचीत में खान ने राजधानी में आपराधिक घटनाएं बढ़ने की बात स्वीकार की। कहा कि पुलिस ने भी वारदातों को चुनौती के रूप में लिया है।
कुछ दिनों में कार्रवाई के अच्छे नतीजे आएंगे। इस समय कांवड़ यात्रा के साथ रमजान का पवित्र माह भी चल रहा है। ऐसे में सतर्कता बढ़ाई जाने की जरूरत है। पुलिस सभी अपराधों को दर्ज कर रही है। प्रमुख सचिव गृह देर रात तक शहर भर में घूमकर कानून व्यवस्था का जायजा लेते रहे।