नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा विभिन्न पदों के लिए की जा रही सीधी भर्ती के परिणाम पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
याचिका पर दिया आदेश
उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के महामंत्री मनोज पंत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन, जल विद्युत निगम और पिटकुल में 7 दिसंबर 2013 को विज्ञापन जारी कर आफिस असिस्टेंट, टेक्निकल ग्रेड-2, स्टेनो और अन्य पदों पर तकनीकी शिक्षा परिषद के माध्यम से की जा रही सीधी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी।
याचिका में कहा गया था कि उपनल के माध्यम से ऊर्जा के तीनों निगमों में डाटा एंट्री ऑपरेटर (जिनसे ऑफिस असिस्टेंट का कार्य लिया जा रहा है), टेक्निकल ग्रेड-2 के कर्मी, मीटर रीडर, स्टेनोग्राफर और सुपरवाइजर 10 वर्ष से कार्य कर रहे हैं। लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है।
अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को
याचिका में कहा गया कि इन्हें विज्ञापन में सीधी भर्ती के अवसर से भी आयुसीमा के आधार पर वंचित किया गया है। ऊर्जा के तीनों निगमों की सहमति के बावजूद शासन की ओर से औद्योगिक न्यायाधिकरण हल्द्वानी में निर्णय लंबित है।
इसी बीच तीनों निगमों की ओर से सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी रखी गई है। पक्षों की सुनवाई के बाद सीधी भर्ती के परिणाम पर रोक लगाते हुए 8 अक्तूबर की तिथि नियत की है।