गौवर्धन जन जागरण रैली में एक स्वर में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प लिया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने भी गौ माता को देश के करोड़ों लोगों की आस्था बताते हुए राष्ट्रमाता बनाने की मांग पर अपनी सहमति दी। साथ ही अभियान को पूर्ण समर्थन बताते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया।
सभी राजनैतिक दलों ने भी अभियान को समर्थन देते हुए सुर में सुर मिलाए। जनसभा के बाद परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जागरूकता रैली निकाली गई।
गौ हत्या करने वालों की जाए नागरिकता
रविवार को परेड ग्राउंड में गौं क्रांति मंच की ओर से आयोजित गो वर्धन जन जागरण रैली का शुभारंभ राज्यपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वाले को भारतीय नागरिक होने के अधिकार से वंचित कर देना चाहिए।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे नंदन गुप्तयाल ने आश्वासन देते हुए कहा कि कुछ मांगें संभव हैं, लेकिन कुछ पर विचार किया जाएगा। इस दौरान गोपाल मणि महाराज ने प्रदेशभर से पहुंचे गौ भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ हत्या का कलंक जब इस देश से नहीं मिट जाता, तब तक गौ माता को राजमाता के पद पर नहीं सुशोभित किया जा सकता।
इस मौके पर उमेश शर्मा, आचार्य विपिन जोशी, मनोहर लाल जुयाल, महंत कृष्णागिरी, सीता शरण, आचार्य राजभूषण राकेश सेमवाल, बलबीर सिंह पंवार, देवेंद्र नौटियाल, विजयपाल सिंह सजवाण, अजय सिंह रावत आदि मौजूद थे।
महिलाओं से आगे आने का आह्वान
टिहरी लोकसभा सांसद माला राजलक्ष्मी शाह ने जनसभा में मौजूद महिलाओं से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
क्या बोले राज्यपाल
मुझे नहीं लगता कि गौ माता को राजमाता का दर्जा देने में कोई अड़चन आनी
चाहिए। राज्यपाल के रूप में मैं पूरा समर्थन करता हूं कि गौ हत्या पर
प्रतिबंध लगना चाहिए। मैंने पिछले साल यूपी और हरियाणा के सभी कुरैशी
बिरादरी के लोगों की बैठक बुलाई थी। इसमें मैंने कहा था कि यदि हमारी
बिरादरी में कोई गौ हत्या करता है तो उसे बिरादरी से निकाल दिया जाएगा।
मुझे लगता है गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
-डॉ. अजीज कुरैशी, राज्यपाल