हिंदी सिखाने में दे रहे योगदान
बताया कि अमेरिका में भारत के बहुत लोग रहते हैं, जो हिंदी में बात करते हैं। कहा कि भारत को अगर जानना और समझना है तो हिंदी को सीखना जरूरी है। लैंग्वेज स्कूल के शिक्षक जसविंदर गर्ग, ललित शर्मा, गिरीश जोशी, अर्चना शर्मा, हबीब, अलका, भावना विदेशियों को हिंदी सिखाने में योगदान दे रहे हैं।
प्रधानाचार्य चितरंजन दत्त ने बताया कोरोनाकाल के बाद अधिकांश विदेशी हिंदी भाषा सीखने के लिए ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। कोरोनाकाल के बाद स्थितियां बदली, लेकिन विदेशियों में हिंदी सीखने की ललक कम नहीं हुई। पिछले तीस साल से विदेशियों को हिंदी और पंजाबी सीखा रही शिक्षिका जसविंदर गर्ग ने बताया, ऑनलाइन हिंदी सीखने वाले विदेशियों में काफी उत्सुकता दिखती है।
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अधिक रुचि होने के कारण जल्दी हिंदी सीख लेते हैं। बताया कि जर्मनी की हैला और अमेरिका की जेनेफर हिंदी सीखने के लिए आई हैं। हिंदी सीखने के बाद वापस जा रही हैं। शिक्षक गिरीश चंद्र जोशी ने बताया, इस समय यूरोपीय देशों के 20 से अधिक छात्र ऑनलाइन हिंदी सीख रहे हैं।