दोनों बच्चों ने राजकीय इंटर कॉलेज मोहनचट्टी से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद गंगा ने डीएवी स्कूल देहरादून से स्नातक के बाद एमआईटी ढालवाला से बीएड किया। यहीं नहीं गंगा ने जयराम आश्रम से योग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। गंगा का विवाह स्वर्गाश्रम क्षेत्र हुआ है।
वहीं गणेश अब एमबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों ही बच्चों इतनी शुद्ध हिंदी बोलते हैं कि फोन पर करते समय अंदाजा लगाना मुश्किल है कि ये विदेशी हैं। पीटर और टेरिसा का कहना है कि हिंदी सबसे सरल भाषा। हिंदी संवाद और अपनी भावनाओं को प्रकट करने का सशक्त माध्यम है। पीटर और टेरिसा ने बताया कि अब हिंदी ही उनके लिए मातृभाषा है।
हिंदी के साथ गढ़वाली भी बोलती हैं गंगा
पीटर और टेरिसा ने बताया कि उन्हें यहां रहते हुए बहुत समय बीत गया है। उनकी बेटी का जन्म यहीं हुआ है। उनकी बेटी की हिंदी, अंग्रेजी और गढ़वाली भाषा में अच्छी पकड़ है। इसलिए उनकी बेटी को कोई हिंदी भाषा में कोई परेशानी नहीं हुई।
पीटर और टेरिसा ने नाम बदला
पीटर लॉडर ने अपना नाम भोले और टेरिसा ने अपना नाम शिवानी रखा हुआ है। आसपास के लोग इन्हें इसी नाम से जानते हैं।