पर्यावरणविदों को किया सम्मानित
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में पर्यावरण और अन्य सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय किशोर पर्यावरणविद् रिद्धिमा पांडे, दिव्य सेवा प्रेम मिशन के संजय चतुर्वेदी और गुरुकुल कांगड़ी पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष डीएस मलिक को सम्मानित किया गया। अतिथियों को भी पौधे और केदारनाथ मंदिर का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
बोले विशेष और लोग
ऑल वेदर रोड को बनाया जाना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है ताकि सड़क बनने से सेना आसानी से सीमाओं पर पहुंच सके। लेकिन इसमें यह भी ध्यान रखा जाए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाया जाए।
- प्रो. आरसी दुबे, विशेषज्ञ
प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए सबसे पहले हमें उन्हें जानना होगा। उन क्षेत्रों में जाना होगा, तभी तो पर्यावरण और हिमालय को बचाया जा सकता है। पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए पक्षियों और जानवरों को संरक्षित करना भी आवश्यक है। इसके लिए तालाबों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
-प्रो. दिनेश भट्ट, पक्षी विशेषज्ञ
पर्यावरण के क्षेत्रीय संतुलन के लिए सरकार की ओर से स्थानीय संस्थाओं को शामिल किया जाना जरूरी है। हिमालय संरक्षण के लिए लोगों की भागीदारी बेहद आवश्यक है। संरक्षण के संचार की भी बहुत आवश्यकता है।
-सहायक प्रोफेसर गगन मत्ता, पर्यावरण विभाग
ऑल वेदर रोड को लेकर देश-दुनिया में काफी चर्चा है। अगर ऑल वेदर रोड को बनाया जाना आवश्यक है तो उसमें पेड़-पौधों को कम से कम खत्म किया जाए। काटे गए पेड़ों की जगह दोगुना पौधे लगाए ही नहीं लगाए जाएं, बल्कि उन्हें तैयार भी किया जाए।
-पवन कुमार, शोध छात्र
चंडी देवी मंदिर जंगलों से घिरा हुआ स्थान है, लेकिन वहां प्लास्टिक और पॉलिथीन के ढेर लगे हुए हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि अगर उनकी मंदिर में आस्था है तो वे यहां आकर पॉलिथीन और प्लास्टिक का प्रयोग न करें।
-हर्ष चौधरी, बीएससी छात्र
जंगल खत्म हो रहे हैं और तालाब सूख रहे हैं, इसलिए जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में आ रहे हैं। जंगली जानवरों को बचाने के लिए पर्यावरण का ध्यान रखना होगा और जंगलों में तालाबों की संख्या बढ़ाई जाए। उनके भोजन की भी व्यवस्था की जाए।
-दिनेश लखेड़ा, कर्मचारी नेता