देहरादून। विकासनगर क्षेत्र के चकराता-त्यूनी मार्ग पर ओवरलोड बोलेरो के खाई में गिरने से 13 लोगों की मौत के बाद परिवहन निगम का डिपो स्थापित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। हालांकि तीन पहले चकराता क्षेत्र में हुए हादसे में कई लोगों की मौत के बाद तत्कालीन परिवहन मंत्री ने चकराता, विकासनगर, त्यूनी, साहिया क्षेत्र के लिए पर्वतीय डिपो के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसकी बाद कुछ नहीं हुआ।
इस क्षेत्र में परिवहन निगम की बसों का संचालन नहीं होने से निजी बसों का संचालन होता है। संपर्क मार्गों पर निजी बसों के संचालन साथ ही डग्गामार छोटे वाहनों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। इसकी वजह से अक्सर हादसे भी होतेे हैं, लेकिन बायला हादसे के बाद एक बार फिर क्षेत्र में पर्वतीय डिपो को स्थापित करने के साथ ही परिवहन निगम की बसों को संचालित करने की मांग उठने लगी है। आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी का कहना है कि चकराता, साहिया क्षेत्र में पर्वतीय डिपो की स्थापना और निगम की बसों का संचालन करने की जिम्मेदारी परिवहन निगम की है। विभागीय स्तर पर इसमें कुछ भी नहीं किया जा सकता है। परिवहन निगम महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि विकासनगर, चकराता के लिए पर्वतीय डिपो को स्थापित किए जाने और परिवहन निगम की बसों को संचालित किए जाने को लेकर फिलहाल उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं है।