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हाईकोर्ट के फैसले से उलझी मोदी सरकार, अब क्या होगा?

Tue, 29 Mar 2016 08:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • फैसले से भाजपा और मोदी सरकार कानूनी पेच भी बुरी तरह उलझी।
  • आदेश पर रोक नहीं लगी तो राज्य में रविवार को राष्ट्रपति शासन हटाना होगा।
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कोर्ट - फोटो : demo
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विस्तार
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उत्तराखंड में रावत सरकार की विदाई के साथ सरकार बनाने का तानाबाना बुन रही भाजपा की बनी बनाई रणनीति पर नैनीताल हाईकोर्ट ने फिलहाल पानी फेर दिया है। इस फैसले से भाजपा और मोदी सरकार कानूनी पेच में भी बुरी तरह उलझ गई है।
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सरकार फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने पर विचार कर रही है। अगर शीर्ष अदालत में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगी तो सरकार को राज्य में रविवार को लगाया गया राष्ट्रपति शासन हटाना होगा। 

शीर्ष अदालत में जाने के बदले नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को स्वीकार करने की स्थिति में भी केंद्र को राष्ट्रपति शासन हटाना होगा। फिलहाल केंद्र सरकार और भाजपा हाईकोर्ट के फैसले के तकनीकी पेंच को समझने के लिए कानूनी राय ले रही है। हालांकि संविधान विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद कई सवाल अनसुलझे हैं।
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बागी विधायकों पर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं

कांग्रेस के नौ विधायकों ने बजट सत्र के दौरान बगावत कर दी थी। - फोटो : AmarUjala
दरअसल भाजपा और सरकार को हाईकोर्ट से इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी। यही कारण है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के बाद इस पर संसद की सहमति लेने की प्रक्रिया से बचने के लिए पार्टी के रणनीतिकारों ने बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने से पहले सरकार गठन करने की रणनीति भी तैयार कर ली थी।

पार्टी के लिए मुश्किल यह है कि हाईकोर्ट ने कांग्रेस के 9 बागी विधायकों को भी शक्ति परीक्षण के दौरान मत डालने का अधिकार तो दिया है, मगर इनके मतों को फिलहाल अलग रखने का आदेश दिया है। ऐसे में भाजपा को डर इस बात का भी है कि कहीं इन विधायकों के मतों को अयोग्य घोषित कर रावत सरकार बहुमत न हासिल कर ले।
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