मौसम खराब होने से आठवां शव नहीं मिल पाया। इसके बाद सात पर्वतारोहियों के शवों को हिमवीरों ने तमाम बाधाओं को पार करते हुए 600 मीटर नीचे पहुंचा दिया था। आईटीबीपी के जवानों ने यहां पर एक हेलीपैड तैयार किया था।
शुक्रवार को सेना के दो चीता हेलीकॉप्टर शवों को लाने के लिए नंदा देवी गए लेकिन अधिक ऊंचाई और स्थल उपयुक्त नहीं होने के कारण अस्थायी हेलीपैड में उतर नहीं सके। ये हेलीकाप्टर वापस आ गए। अब आईटीबीपी के जवान पर्वतारोहियों के शवों को और नीचे लाएंगे, जहां से उन्हें हेलीकाप्टर से पिथौरागढ़ लाया जाएगा।
जिस स्थान पर हेलीपैड बनाया गया था वह हेलीकाप्टर के उतरने के लिए उपयुक्त नहीं था। इसको देखते हुए अब शवों को और नीचे लाने को कहा गया है। हेलीपैड के लिए किसी उपयुक्त स्थल का चुनाव किया जाएगा।
-डा.विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।