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पहाडों पर बर्फबारी, नीचे पहुंचे 'शिकारी'

Mon, 03 Feb 2014 07:54 PM IST
प्रमोद सेमवाल/अमर उजाला, गोपेश्वर
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उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के बाद अब वन्य जीव निचले क्षेत्रों में आने लगे हैं। वन्य जीवों को करीब आते देख वन्य जीव तस्कर भी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में वन महकमे की निष्क्रियता बेजुबान जानवरों पर भारी पड़ सकती है।
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वन्य जीव विचरण कर रहे हैं
बर्फबारी से जोशीमठ क्षेत्र से लगे नंदादेवी बायोस्फेयर रिजर्व वन क्षेत्र की ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। इन क्षेत्रों में घुरड़, स्नो लैपर्ड, भालू, गुलदार, जंगली सूअर सहित कई वन्य जीव विचरण करते हैं। इससे लगे बदरीनाथ और केदारनाथ प्रभाग के कई वन क्षेत्र ऐसे हैं, जो वन्य जीवों के विचरण के कारण प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित हैं।

कड़ाके की ठंड से इन प्रतिबंधित क्षेत्रों के वन्य जीव निचले क्षेत्रों में आ जाते हैं। ऐसे में वन्य जीव और मानवों की बीच संघर्ष भी बढ़ रहा है। दशोली, जोशीमठ, घाट और पोखरी क्षेत्रों में गुलदार और भालुओं के हमले बढ़ रहे हैं।
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वन विभाग की उदासीनता
धारकोट के निवर्तमान ग्राम प्रधान नरेंद्र तोपाल और घाट ब्लॉक के हरीश सिंह का कहना है कि रात में वन्य जीव गांवों के समीप तक पहुंच रहे हैं। कुछ दिनों पहलक कुछ लोगों को जंगल की ओर जाते देखा था। वन विभाग की उदासीनता से इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से वन्य जीव निचले क्षेत्रों में आ जाते हैं। इन्हें ट्रेस किया जा रहा है। वन्य जीव तस्करों पर पूरी तरह निगरानी रखी जा रही है। माह में दो लंबी दूरी और दो छोटी दूरी की गश्त हो रही है। जीपीएस से भी वन्य जीवों की लोकेशन पता की जा रही है। - राजीव धीमान, डीएफओ, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, जोशीमठ।
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