दो दिन पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर काबिज हरीश रावत सोमवार को आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे। करीब दो घंटे देरी से पीपलकोटी पहुंचे मुख्यमंत्री ने यहां घोषणाओं की झड़ी लगा दी।
उन्होंने लोगों की मांग पर गोपेश्वर में बेस अस्पताल और जिलासू में तहसील की स्थापना सहित एक दर्जन मांगों पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी।
पुनर्निर्माण के लिए कमर कसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक त्रासदी का मिलजुल कर सामना करना होगा। जलप्रलय के दौरान मन रोता था कि इस महात्रासदी से कैसे उबरें। आज सरकार और जनता ने मिलकर राज्य के पुनर्निर्माण के लिए कमर कस ली है।
उन्होंने डीएम को निर्देश दिए कि डेढ़ माह में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का पुन: सर्वेक्षण कर मुआवजा और प्रभावितों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
बीसूका उपाध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने कहा कि हरीश रावत राज्य की दिशा और दशा को तय करने की क्षमता रखते हैं।
इस मौके पर वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश, पर्यटन मंत्री अमृता रावत, बंड विकास संगठन के अध्यक्ष अतुल शाह, निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख भगत सिंह बिष्ट, नंदन सिंह बिष्ट, सुरेंद्र लिंगवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अरविंद नेगी, राजेंद्र सिंह नेगी, विकास जुगरान, सुदर्शन शाह, रैजा चौधरी आदि मौजूद थे।