मानसून की बारिश अब जिले में आपदा का रूप लेती जा रही है। मंगलवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से गंगा भागीरथी एवं यमुना समेत तमाम गाड-गदेरों में आए उफान ने फिर बीते साल की आपदा का मंजर याद दिला दिया।
बाढ़ सुरक्षा कार्य ठप पड़ गए हैं और तटवर्ती आबादी पर खतरा बढ़ता जा रहा है। बुधवार दिन में भले ही मौसम खुल गया, लेकिन मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार अभी अगले दो दिन भारी पड़ने की आशंका है।
असी गंगा में आए उफान में उत्तरों गांव के सिमोड़ी तोक में बाढ़ सुरक्षा कार्य में लगी एक पोकलैंड मशीन, एक ट्रैक्टर एवं एक मिक्सर मशीन बह गई। डिगिला से आगे असी गंगा किनारे बनी अस्थाई सड़क एवं पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त होने से घाटी के सेकू, अगोड़ा, गजोली, भंकोली, नौगांव आदि गांव अलग-थलग पड़ गए हैं।
इन गांवों के लिए बनाई गई तीन अस्थाई पुलिया भी असी गंगा के उफान की भेंट चढ़ गई। नदी का पानी जोशियाड़ा में बाढ़ सुरक्षा कार्य की साइट में घुसने से यहां भी कई डिवाटरिंग पंप आदि निर्माण सामग्री बह गई।
नदियों में उफान से सुरक्षा कार्य ठप
नदियों में उफान से तटवर्ती क्षेत्रों में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य ठप पड़ गए हैं। इंद्रावती नदी तथा गंगा भागीरथी का पानी जड़भरत घाट वाले छोर पर जोर मारने से यहां वायरक्रेट ढहने के कारण नगर पर संकट मंडराने लगा है।
तिलोथ पुल के पास भागीरथी का पानी वाल्मिकी बस्ती की ओर जोर मारने से यहां खतरा बढ़ गया है। यमुना नदी एवं स्यालना खड्ड के उफान से खरादी में आधा दर्जन कॉटेज बह गई। यहां वन विभाग का ईको पार्क भी क्षतिग्रस्त हो गया। स्यानाचट्टी में भी घटगाड के उफान ने यमुना नदी का प्रवाह कुछ देर के लिए अवरुद्ध हुआ।
हालांकि अब नदी का प्रवाह सामान्य हो रहा है, लेकिन कुपड़ा-कुंसाला मोटर मार्ग के पुल पर खतरा मंडरा रहा है। नौगांव में जागृति पब्लिक स्कूल का रास्ता क्षतिग्रस्त होने पर बच्चे स्कूल नहीं जा पाए।
डीएम ने रद्द की अधिकारियों की छुट्टी
मौसम विभाग द्वारा बारिश का अंदेशा जताए जाने पर प्रशासन आपदा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। नदियों में उफान से कुछ जगह नुकसान की सूचना है। हालात पर नजर रखी जा रही है। खतरे की जद में आई आबादी को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
सितंबर माह तक सभी अधिकारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। बिना अनुमति के अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और मोबाइल फोन भी हमेशा चालू रखेंगे।
-सी रविशंकर, डीएम उत्तरकाशी।