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उत्तराखंड मौसम विभाग का रेड अलर्ट, चार जिलों में 24 घंटे मुश्किल

Mon, 18 Jul 2016 08:04 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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heavy water logging in dehradun due to rain
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लगातार हो रही बारिश के बीच अभी उत्तराखंड के चार जिलों में बारिश के लिहाज से मुश्किल गुजरने वाले हैं। मौसम विभाग ने चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
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इसके तहत सोमवार तक भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि हरिद्वार, देहरादून, उत्तरकाशी और नैनीताल में आगामी 24 घंटे में भारी से भारी(एक्सट्रीमली हैवी) बारिश हो सकती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 20 जुलाई तक सूबे के कई स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश के बाद 21 जुलाई को बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
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इस सीजन में नैनीताल में सर्वाधिक बारिश

बारिश - फोटो : अमर उजाला
मानसून सीजन में अब तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक नैनीताल में सीजन में अब तक सर्वाधिक 891.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

कहां कितने मिमी बारिश
स्थान - बारिश
उत्तरकाशी - 541.8
मसूरी - 536
देहरादून - 461.2
नई टिहरी - 182
घनसाली - 284
रानीचौरी - 12
गैरसैंण - 440
जोशीमठ - 287.7
धनौरी - 399.4
मुनिस्यारी - 742
पिथौरागढ़ - 453.7
मतेला - 341.6
मुकतेश्वर - 416.2
नैनीताल - 891.1
चंपावत - 286.2
पंतनगर - 395.2
(1 जून 2016 से 17 जुलाई 2016 तक)
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नदियों का जल स्तर बढ़ा, नीद उड़ी

due to heavy rain haridwar highway block
साहिया में 24 घंटे से जारी भारी बारिश के बीच नदियों के जल स्तर में एकाएक वृद्धि हो गई है। साहिया में अमलावा और सरला खड्ड का पानी लोगों के घरों के नीचे से होकर गुजर रहा है। जिसके चलते पांच से अधिक घरों के नीचे भू-कटाव का खतरा पैदा हो गया है। आलम यह रहा कि शनिवार को लोगों को रात जाग कर काटनी पड़ी। नदियों की उफनाई लहरें लोगों के जहन में तीन साल पुरानी बाढ़ की यादों को ताजा कर रही हैं।

क्षेत्र में शुक्रवार की रात दस बजे से बारिश का सिलसिला जारी है। जिसके चलते अमलावा और सरला खड्ड उफान पर हैं। लोगों की नींद उड़ी हुई हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग तय समय पर बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे नहीं कर सका। जिसका नतीजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नदी का पानी घरों के नीचे से होकर गुजर रहा है।

लोगों का कहना है कि यदि बारिश इसी रफ्तार से जारी रही तो लोगों को सुरक्षा के लिए कहीं ओर शरण लेनी पड़ेगी। आरोप लगाया कि विभागीय हीलाहवाली के चलते ही निर्माण कार्य तय समय पर पूरे नहीं हो सके। दो साल पूर्व दोनों नदियों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य प्रस्तावित हुए थे जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।

उदय सिंह राय, दिनेश चौहान, सतीश चौधरी, रमेश, बलजीत सिंह, सूरत सिंह चौहान, हरि सिंह नेगी का कहना है कि  तीन साल पूर्व नदी का जल स्तर उफनने के कारण 10 परिवारों को अन्यत्र शरण लेनी पड़ी थी। वहीं अब नदी के बढ़ते जल स्तर से घरों के नीचे कटाव होने लगा है। 16 परिवार खतरे की जद में है। राजस्व उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर घरों को खाली भी करवाया जाएगा।
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