राजधानी देहरादून में गुरुवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश लगभग कई घंटे तक लगातार होती रही। जिस कारण दून की सड़कों पर जलभराव हो गया।
इससे पहले गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर को आसमान में एक दम से अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश में शहर की रफ्तार रुक गई।
उधर, हरिद्वार में सुबह साढ़े दस बजे से शुरू हुई बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। हरिद्वार की सड़कों पर गले तक पानी भर गया है। जिससे काफी पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भगतसिंह चौक पर सीवर सड़क फाड़ कर बाहर निकला गया है। जिससे पानी भर जाने के कारण दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। हरिद्वार में ही रानीपुर मोड़ पर गाड़ियों सड़क पर भरे पानी में फंस गई हैं।
बारिश के चलते हरिद्वार के ज्वालापुर मेन बाजार में पानी भर गया है। यहां अनेक घर-दुकानों में पानी भरने से लोगों का काफी नुकसान होने की खबर है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के छह जिलों में 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी 19 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा जताया है। इस नाते मौसम विभाग ने सभी को सतर्क व सुरक्षित रहने की सलाह जारी की है।
प्रदेशभर में बुधवार को कई जगह बारिश हुई। राजधानी सहित कई मैदानी इलाकों में भी बारिश ने मौसम ठंडा कर दिया। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई की सुबह से आगामी 48 घंटे तक चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत जनपद में भारी बारिश की चेतावनी है। यहां लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है।
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में कुछ क्षेत्रों में 19 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। लिहाजा, यहां भी भूस्खलन वाले इलाकों से बचकर रहने की सलाह दी गई है।