हरीश रावत ने केंद्र द्वारा गंगा स्वच्छता को लेकर चलाई जा रही नमामि गंगे योजना पर केंद्र पर तंज कसा है। रावत ने केंद्र द्वारा चलाई जा रही योजना को नई पैकिंग में पुरानी चीज बताया है। रावत ने कहा कि गंगा की स्वच्छता के लिए पहले से ही काम हो रहा था। अब केंद्र उसी को नया नाम देकर ब्रांडिंग कर रहा है।
गौरतलब है कि सात जुलाई को केंद्र ने हरिद्वार से नमामि गंगे योजना की 250 करोड़ की 43 योजनाओं की शुरुआत की थी। योजना के शुभारंभ पर केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा स्वच्छता मंत्री उमा भारती, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महेश शर्मा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद रहे थे।
इस परियोजना के तहत उत्तराखंड के उत्तरकाशी, गंगोत्री, यमुनोत्री, श्रीनगर, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, बदरीनाथ में गंगा सफाई के लिए काम होगा।
इस मौके पर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री उमा भारती ने दावा कि अक्तूबर 2016 से गंगा सफाई का असर दिखाई देगा। वर्ष 2018 तक गंगा पूरी तरह से साफ हो जाएगी। कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे गान, वेबसाइट, एप भी लॉच किए गए।