प्रदेश के चार मैदानी जिलों में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे अब उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) पास करेगा। इसमें देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के वे मैदानी क्षेत्र शामिल हैं, जो वहां के स्थानीय प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र की सीमा से बाहर हैं। प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्रों में पूर्ववत व्यवस्था जारी रहेगी।
राज्य में अनियोजित विकास पर रोक लगाने और नियोजित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही उडा का गठन किया गया। प्रदेश के छह प्राधिकरण और 21 विनियमित क्षेत्रों के बाहर का पूरा क्षेत्र इसमें शामिल किया गया। उडा के गठन के समय ही प्रदेश में सभी स्थानों पर भवन निर्माण से पहले नक्शे पास कराना अनिवार्य कर दिया गया। हालांकि इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया था।
उडा ने जारी किया नोटिफिकेशन
अब कैबिनेट के निर्णय के बाद उत्तराखंड भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार पहले चरण में चार मैदानी जिलों के वे मैदानी क्षेत्र जो किसी स्थानीय प्राधिकरण या विनियमित क्षेत्र का हिस्सा नहीं हैं, वहां यह आदेश प्रभावी होगा।
इसका मतलब हुआ कि राजधानी देहरादून में एमडीडीए और साडा, हरिद्वार में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, नैनीताल में झील विकास प्राधिकरण और ऊधमसिंह नगर में विनियमित क्षेत्र से बाहर के मैदानी क्षेत्रों के लोगों को भवन निर्माण से पहले उडा से नक्शा पास कराना होगा। उडा के संयुक्त मुख्य प्रशासक वंशीधर तिवारी ने बताया कि अभी चार जिलों के मैदानी इलाकों में व्यवस्था लागू की गई है। इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
इनका है कहना
देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में स्थानीय प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र से बाहर के मैदानी इलाके में यह व्यवस्था प्रभावी होगी।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, मुख्य प्रशासक, उडा