रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंत्रियों केविभागों के बंटवारे पर जल्द फैसला होने का संकेत भी दिया।
किंतु-परंतु भी लगा दिए
हालांकि रावत बोले अपने अंदाज में ही। उनके बोले गए का एक संकेत यह भी था कि मंत्रियों केविभाग 11 फरवरी तक बंट जाएंगे। पर साथ ही किंतु-परंतु भी लगा दिए।
सुभाष रोड स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहले यह कह कर किनारा कर लिया कि विभागों के बंटवारेपर वे कुछ नहीं कहना चाहते।
कहा कि विभागों का बंटवांरा हो रहा है और कुछ बोल दिया तो मीडिया की सुर्खिया पोर्टफोलियों की होगी और उनके विकास कार्य से संबंधित काम कहीं अंदर के पन्नों पर चले जाएंगे।
मीडिया ने फिर से सवाल उठाया तो रावत ने कहा कि चिंता मत कीजिए, 11 फरवरी को आपक पास घर ले जाने के लिए कुछ न कुछ जरूर होगा।
परिवर्तन किस हद तक होगा यह साफ नहीं
जाहिर है कि रावत यह इशारा तो कर रही रहे हैं कि 11 फरवरी मंगलवार को यह कसरत हो सकती है। पर इसमें परिवर्तन किस हद तक होगा यह साफ नहीं है। यह भी साफ नही है कि मंत्रियों को पूर्व विभाग रखे जाने की व्यवस्था को जारी रखा जाएगा या फिर उलटफेर होगा।
खुद मुख्यमंत्री के विभागों को लेकर असमंजस की स्थिति है। प्रदेश में सत्र जारी है और अब विभागवार बजट भी सदन के पटल पर रखा जाएगा और विभागवार बजट भी पारित होंगे। सदन के पटल पर मंत्री अपने विभागों का बजट रखेंगे।
विभाग बंटेही नही है तो यह कैसे होगा यह समस्या भी नेता सदन के सामने होगी। बजट पेश करते समय इंदिरा हृदयेश को वित्त का अधिकार देने की बात की गई थी पर विपक्ष का इस पर भी ऐतराज था।