कांग्रेस के आलाकमान का अंकगणित भले ही राज्य के मुखिया को बदल चुका है। मगर मुख्यमंत्री बनने जा रहे हरीश रावत की भी राह आसान नहीं रहेगी।
ज्योतिषियों की मानें तो रावत को दशम भाव में उच्च के शुक्र ने राजयोग तो दिला दिया है लेकिन कुर्सी संभालने के बाद उनकी राह में कई बाधाएं आएंगी, जिनसे पार पाना आसान नहीं होगा। अंक ज्योतिषी भी सियासी चक्रव्यूह के बीच नए मुखिया के लिए आने वाला वक्त चुनौतियों भरा मान रहे हैं।
खप्पर योग में उलटफेर
14 जून से 9 सितंबर तक तीन माह आषाढ़, श्रावण, भादों पांच शनिवार, पांच मंगलवार होने से खप्पर योग बन रहा है। इस अवधि में अव्यवस्था, राजनीतिक उलटफेर, अस्थिरता, प्राकृतिक प्रकोपों का भय रहता है।
मिथुन राशि है रावत की
उत्तराखंड विद्वत सभा के उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी का कहना है कि हरीश रावत की जन्मतिथि 27 अप्रैल 1947 है। जन्मतिथि और नाम के आधार पर उनकी मिथुन राशि बनती है।
रावत पर सूर्य की महादशा है। उन्हें अपने कार्यों में आधी सफलता मिलेगी। 6 जनवरी 2014 से 25 फरवरी 2014 तक गुरु-शुक्र का समसप्तक योग रावत की राशि पर चल रहा है। दशम भाव में शुक्र एक फरवरी से मार्गी हो रहा है।
ऐसे में प्रदेश के मुखिया के रूप में नया नेतृत्व होने से राजनीतिक माहौल संघर्षपूर्ण रहेगा। आगे का वक्त भी कठिन चुनौतियों वाला रहेगा। हालांकि मूल्यों में वृद्धि, धन संपदा के लिए शुभ समय रहेगा।
चातुर्यपन दिलाएगा सफलता
अंक ज्योतिष जयदेव सुंदरियाल का कहना है कि 27 अप्रैल के अनुसार हरीश रावत का जन्मांक 9 और माह अप्रैल से भाग्यांक 4 बनता है।
जिस तरह से 9 नंबर पूरा घेरा मारने के बाद बनता है। वैसे ही 9 अंक वालों को जीवन का फेरा मार कर यानी लंबे समय बाद ही सफलता मिलती है।
ग्रहों के अनुसार 8 महीने बाद फिर यही स्थिति बनेगी, जबकि रावत के सीएम बनने या हटाए जाने पर विवाद होगा। हालांकि रावत का चार्तुेयपन उन्हें सफलता जरूर दिलाएगा।
सगे बनेंगे विरोधी
गढ़ी कैंट में शनि मंदिर के संस्थापक आचार्य सुशांत राज का कहना है कि इस वक्त हरीश रावत के जो विरोधी उनके सगे बन गए हैं, कुछ समय बाद वे फिर रावत के विरोधी बन जाएंगे।
राज्य के विकास की बात करें तो राज्य की राशि वृष है और इस राशि में राहु बैठा है। जिस तरह राहु का शरीर आधा होता है, उसी तरह रावत को उनके कामों का आधा श्रेय ही मिलेगा।