मुख्यमंत्री हरीश रावत को हर हाल 31 जुलाई तक विधानसभा की सदस्यता लेनी होगी। लोकसभा चुनाव के नतीजों ने उनका गणित बिगाड़ दिया है।
फिलहाल दो विधानसभा सीट डोईवाला और सोमेश्वर खाली हो रही हैं जिसमें सोमेश्वर सुरक्षित सीट है इसलिए मुख्यमंत्री के पास डोईवाला एक विकल्प है।
हालांकि यह देखना होगा कि रमेश पोखरियाल निशंक डोईवाला सीट कब तक छोड़ते हैं। वहीं हरिद्वार में जिस तरह कांग्रेस की हार हुई है उसमें डोईवाला विधानसभा ने भी अहम भूमिका निभाई है।