फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरीश रावत अभी भी चला रहे उत्तराखंड CM का एफबी-ट्विटर अकाउंट!

Sat, 09 Apr 2016 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • भाजपा ने लगाया हरीश रावत पर उत्तराखंड सीएम के फेसबुक और ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल करने का आरोप।
  • पूर्व सीएम पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग।
विज्ञापन
हरीश रावत का ट्विटर हैंडल harishrawatcmuk के नाम से है। हालांकि यह अकाउंट वेरीफाई नहीं है। - फोटो : ट्विटर अकाउंट का प्रिंट शॉट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरीश रावत के सामने अब नई मुश्किल सामने आई है। अगर आरोपों में दम निकला तो आईटी एक्ट पूर्व सीएम की मुश्किलें बढ़ा सकता है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर राष्ट्रपति शासन लगने के बावजूद उत्तराखंड के सीएम के अधिकृत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट का अनधिकृत रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। भाजपा ने इस संबंध में राज्यपाल को शिकायती पत्र भेजा है।
विज्ञापन


पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री एवं भाजपा नेता रविंद्र जुगरान की ओर से भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार मुख्यमंत्री के नाम से अपने फेसबुक और ट्विटर एकाउंट का संचालन राजनीतिक, सामाजिक व निजी गतिविधियों के लिए कर रहे हैं। जो कि पूरी तरह आईटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है।

इससे देश-विदेश में भ्रम की स्थिति भी पैदा हो रही है। अगर पूर्व सीएम दोषी पाए जाते हैं तो आईटी एक्ट के तहत जरूरी कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन

भाजपा ने लगाया पूर्व सीएम पर साइबर क्राइम का आरोप

हरीश रावत का फेसबुक पेज harishrawatcmuk के नाम से संचालित होता है। देखें लाल घेरा। - फोटो : AmarUjala
उधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने भी कहा कि पूर्व सीएम हरीश रावत के विभिन्न घपलों के बाद अब प्रदेश में डिजिटल लूट सामने आई है।

आरोप लगाया कि जिस फेसबुक, ट्विटर एकाउंट और सूचना विभाग के पोर्टल, जिसे सूचना विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर बनाया है, उसे हरीश रावत ने व्यक्तिगत प्रचार के लिए चलाकर जनता के साथ धोखा किया है।

यह प्रदेश की संपत्ति के दुरुपयोग के साथ ही साइबर क्राइम की श्रेणी में भी आता है। पिछले दो साल में और अब राष्ट्रपति शासन लगने के बाद इनके इस्तेमाल समेत पूरे मामले की विस्तृत जांच कराया जाना जरूरी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें