सतपाल महाराज के कांग्रेस छोड़ने के बाद हरीश रावत ने एक बार फिर महाराज पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सतपाल महाराज को सपना आया और वो चले गए। साथ ही रावत का कहना है कि सतपाल महाराज के पार्टी छोड़ने से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
रावत को कहना है कि सभी कांग्रेस विधायकों से बात हुई है। सभी अपने अपने इलाकों में जनता और आपदा से जुड़े कार्यों में लगे हुए हैं। मंत्री अमृता रावत पर किसी टिप्पणी से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमारी सरकार में मंत्री हैं।
महाराज ने अवसर खो दिया
पार्टी छोड़ने के बाद दोपहर को दिल्ली में मीडिया से तल्ख टिप्पणी करने वाले हरीश रावत ने शाम को देहरादून में कहा कि महाराज ने नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर खो दिया है। ऐसे समय जब हमारा फोकस आपदा, चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा था।
अधिक नहीं बोलूंगा
यही समय उनके पास नेतृत्व दिखाने का था। वह हमारे साथी रहे हैं इसलिए और अधिक नहीं बोलूंगा। जबकि दिल्ली में मीडिया से मुख्यमंत्री ने कहा था कि शायद महाराज इसलिए पौड़ी चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे क्योंकि वह आपदा के दौरान सिर्फ दो बार ही प्रभावित इलाकों में गए जबकि सबसे अधिक आपदा उन्हीं के इलाके में आई थी।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बहुत हेल्पिंग हैंड हैं और इस दिशा में काम कर रहे हैं।