पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड के हिस्से का यूरिया बाहर सप्लाई हो रहा है, इसके बावजूद सहकारिता विभाग किसानों की इस समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए मंत्री के घर पर उपवास पर बैठना उचित नहीं लग रहा है, लेकिन परिस्थितियां व्यक्ति को बाध्य कर सकती हैं।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि किसान खाद की कमी से परेशान हैं। इस समस्या को लेकर वह सहकारिता मंत्री के घर के बाहर उपवास पर बैठ सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार से लेकर ऊधमसिंहनगर तक किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
सहकारिता विभाग को इसकी व्यवस्था करनी है, लेकिन विभाग इसकी व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। यही वजह है कि किसान यूरिया न मिलने से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हिस्से का यूरिया बाहर सप्लाई हो रहा है, इसके बावजूद सहकारिता विभाग किसानों की इस समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दो से तीन दिन में स्थिति नहीं सुधरती, तो उनके सामने दो विकल्प हैं। एक विकल्प यह है कि वह सहकारिता मंत्री के घर पर उपवास पर बैठें। जबकि दूसरा विकल्प यह है कि अपने घर पर उपवास पर बैठें। कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए मंत्री के घर पर उपवास पर बैठना उचित नहीं लग रहा है, लेकिन परिस्थितियां व्यक्ति को बाध्य कर सकती हैं, किसानों के हित में वह यह भी निर्णय भी ले सकते हैं।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में उर्वरकों की कोई कमी नहीं : पांडे
निबंधक सहकारी समितियां आलोक कुमार पांडे ने कहा कि ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार जिले के लिए 47400 मीट्रिक टन यूरिया और 10700 मीट्रिक टन एनपीके व 13400 मीट्रिक टन डीएपी की केंद्रीय कृषि मंत्रालय से मांग की गई है। खरीफ अभियान माह जुलाई, अगस्त एवं सितंबर 2022 के लिए यह मांग की गई है। उन्होंने बताया कि इन दोनों जिलों में 1457 मीट्रिक टन यूरिया, 1973 डीएपी व 365 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक है। इन जिलों में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।