चार धाम यात्रा जारी रहने और स्थगित किए जाने के बीच खींचतान का सिलसिला जारी है। बुधवार को सीएम हरीश रावत को स्पष्ट करना पड़ा कि यात्रा रोकी नहीं गई है।
मौसम और सड़कों की स्थिति को देखते हुए स्थगित की गई है। सड़क खुलती है तो सुरक्षा का आकलन करने के बाद यात्रियों को आगे जाने दिया जाएगा।
जून 2013 की आपदा की मार से घबराई सरकार इस बार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। मौसम की चेतावनी जारी होते ही यात्रा स्थगित कर दी जा रही है।
सड़कें खोलना है प्राथमिकता
सीएम ने कहा कि बंद सड़कों को खोलने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। उधर, शासन के मुताबिक बरसात की स्थिति को देखते हुए केदारनाथ यात्रा 26 तक के लिए स्थगित की गई है।
यात्रा जारी रखने या स्थगित करने का फैसला जिला प्रशासन अपने स्तर पर भी कर रहा है।
दूसरी ओर राज्य आपातकालीन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर बुधवार को करीब 80 ग्रामीण सड़क मार्ग मलवा आने से बंद थे।
देर शाम ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग लालढांग में बंद बताया गया। करीब-करीब सभी जिलों में बरसात हुई पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे ही है।
25 डीएसपीटी खरीदेगी सरकार
फिलहाल 14 सेटेलाइट फोन से काम चला रही सरकार ने अब उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 25 डिजिटल सैटेलाइन फोन टर्मिनल (डीएसपीटी) खरीदने का फैसला लिया है।
पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर को पांच-पांच डीएसपीटी दिए जाएंगे। वीसैट आधारित ये डीएसपीटी यमुना, अलकनंदा, मंदाकिनी व काली नदियों की चारों घाटियों, कैलास मानसरोवर मार्ग व नंदा देवी राजजात मार्ग के लिए होंगे।
आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए 38 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है।