मुख्यमंत्री हरीश रावत ब्रह्मपुरी की सभा में टीचर बन गए। कार्यक्रम स्थल पर सवा दो घंटे देर से पहुंचे रावत आते ही भीड़ के बीच में गए और अभिवादन स्वीकार किया।
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मंच पर आए और बिना किसी का नाम लिए नसीहत की, बोले-‘सामने ‘शातिर खिलाड़ी’ है, किस बात का फायदा उठा ले जाए, पता नहीं। आपसे इल्तिजा है कि जोश के साथ होश भी रहे।’
मुख्यमंत्री रावत ने अपनी बात जारी रखी-‘किस बात का बतंगड़ बना दिया जाए, कोई कुछ नहीं कह सकता। ज्यादा से ज्यादा वोट चुपके से डालिये।’ इसके बाद भाजपा का नाम लेकर बोले-‘वे एक मॉडल लेकर आए हैं।
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ऐसा मॉडल जिसने 14 साल में लखपतियों को खरबपति बना दिया। हमने गरीबों को उनके पैरों पर खड़ा किया है। फिर मजाकिया लहजे में बोले उनका मॉडल तो लगता है रामलीला में लंकेश आ गया।’
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नमक हलाल की तरह काम कर रहे हैं, फिर अपनी उपलब्धियां गिनानी शुरू कीं।
इस दौरान उन्होंने विधवा, वृद्धावस्था पेंशन, अल्पसंख्यकों के लिए योजनाएं आदि गिनाईं, फिर गुजरात मॉडल से उत्तराखंड मॉडल को बेहतर करार दिया।
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आखिर में बोले कि मैं तो ‘सीएम लगता ही नहीं हूं, याचक हूं और वोट के लिए समर्थन मांगा।’ इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विधायक कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल की तारीफ की।
कार्यक्रम में रावत ने कई लोगों को कांग्रेस में शामिल किया। इसके पहले मुख्यमंत्री ने चुक्खूवाला स्थित इंद्रा कालोनी के लासियाल चौक पर टिहरी लोकसभा प्रत्याशी साकेत बहुगुणा के लिए वोट मांगे। इस मौके पर विधायक राजकुमार, लालचंद्र शर्मा आदि रहे।