मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली दौरे के दौरान शनिवार को केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान से उनके निवास पर जाकर मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने चावल व चीनी मिलों की बदली गई पॉलिसी के नुकसान के संदर्भ में बातचीत की।
लेवी राइस प्रोक्यूरमेंट पॉलिसी पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि केंद्र सरकार ने लेवी राइस प्रोक्यूरमेंट पॉलिसी में परिवर्तन किया गया है। जिसमें राज्य के चावल मिल मालिकों के संबंध के लेवी राइस प्रोक्यूरमेंट 75 प्रतिशत से 25 प्रतिशत किया गया है।
सीएम ने बदलाव से किसानों, मिल मालिकों तथा सरकार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी उन्हें दी। सीएम ने नीति में परिवर्तन लाने का आग्रह किया।
घटाया जाए लेवी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के पास भंडारण की समस्या है। इसलिए लेवी धीरे-धीरे एक-दो वर्षों के दौरान घटाया जाए। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों तथा गन्ना किसानों के संबंध में कहा कि सरकारी तथा सहकारी चीनी मिलों ने किसानों का 80 प्रतिशत भुगतान कर दिया है।
निजी चीनी मिलों का किसानों पर बकाये का भुगतान होना है। उन्होंने इसके लिए चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन देने के लिये केंद्र सरकार से सहायता का आग्रह किया।
जल्द होगा कम्प्यूटरीकरण
केंद्रीय खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री ने सार्थक व सकारात्मक संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खाद्य विभाग आंकड़ों के कम्प्यूटरीकरण का काम तेजी से कर रहा है जो दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगा।