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नैथानी की मनमानी पर सीएम ने लगाई 'लगाम'

Thu, 28 Aug 2014 02:17 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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अमर उजाला, देहरादून
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शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी द्वारा टीचरों के अटैचमेंट की मनमानी पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पानी फेर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव विद्यालयी शिक्षा एस राजू ने जिले के भीतर ही नए विद्यालयों में भेजे गए 54 माध्यमिक शिक्षकों को छोड़, 159 बेसिक शिक्षकों के तबादले और 101 माध्यमिक शिक्षकों का तबादला और अटैचमेंट निरस्त कर दिया है।

सभी विभागों के लिए तबादलों की तय तारीख 14 अगस्त के बाद भी बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों के तबादलों ने मंत्री प्रसाद नैथानी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

मंत्री ने बिना बेसिक शिक्षकों की तबादला पॉलिसी के 159 शिक्षकों की सूची जारी की थी। बताते हैं कि तबादलों की फाइल पर अपर सचिव और प्रमुख सचिव ने भी प्रतिकूल राय दी थी। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री की ओर से सूची जारी की गई।
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सूत्रों की मानें तो सूची में कई विधायकों व अन्य मंत्रियों की भी सिफारिशें शामिल थीं। दरअसल तबादलों को लेकर विवाद का कारण शिक्षक संघों और उन विधायकों की शिकायतें रहीं जिनके नाम सूची में शामिल नहीं हुए जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मंगलवार की रात प्रमुख सचिव को बुलाकर मामले की जानकारी ली और तबादलों को तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए।
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नैथानी की ल‌िस्ट का सीएम ने क‌िया पोस्टमार्टम

दूसरी ओर मंत्री प्रसाद नैथानी ने 155 माध्यमिक शिक्षकों के तबादले की भी सूची तैयार की थी। सूची में होने वाले तबादलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। इस पर प्रमुख सचिव की ओर से राय दी गई थी कि इतनी संख्या में दुर्गम से सुगम में किए जा रहे तबादलों से पहाड़ के विद्यालय बंद हो जाएंगे। बावजूद मंत्री नहीं माने और लिस्ट जारी कर दी गई।

मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने पर इस तबादला सूची का भी पोस्टमार्टम किया गया जिसके बाद 54 ऐसे शिक्षकों के तबादलों की सूची को मंजूरी दी गई जो जिले के भीतर ही नए स्कूलों में भेजे गए हैं। इन्हें फिलहाल वेतन पुराने स्कूल से ही दिया जाएगा।

इसके अलावा शेष 101 तबादले और अटैचमेंट निरस्त कर दिए हैं। इनमें वे शिक्षक शामिल थे जिनका तबादला एक जिले से दूसरे जिले या फिर एक मंडल से दूसरे मंडल में किया गया था।

क्या कहना है मंत्री
मैं दिल्ली में हूं, फोन पर जानकारी मिली है। जब तक मुख्यमंत्री से बात नहीं कर लेता तब तक कुछ नहीं कह सकता। उन्होंने अपने विवेक से तबादले निरस्त किए हैं। तबादले नियम और व्यवस्था के तहत ही किए गए हैं। मैं उनसे मिलकर बात करूंगा।
-मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री
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