डायट डीएलएल प्रशिक्षितों के दिन-रात धरने को समर्थन देने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रशिक्षितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। प्रशिक्षितों ने कहा कि 13 जिलों में उन्हें कठिन प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन उसके 19 माह बाद भी नियुक्ति नहीं दी गई है।
प्रशिक्षितों के बीच पहुंचे हरीश रावत ने प्रदर्शनकारियों की दिक्कतों को देखते हुए उनके ठहरने के लिए कमरे और दोपहर के भोजन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। हालांकि, आंदोलनकारियों ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री केवल उनकी नियुक्ति की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रयास करें।
प्रशिक्षितों ने कहा कि विभाग की लेटलतीफी के कारण प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लटकी हुई है। इस पर विभाग और सरकार दोनों ही सकारात्मक रुख नहीं अपना रहे हैं। जुलाई 2017 से राज्य में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। पहले ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे प्राथमिक विद्यालयों में सेवारत शिक्षकों के प्रमोशन से कई पद रिक्त हो गए हैं।
राजकीय डायट डीएलएड संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शुभम साह ने कहा कि नियुक्ति पत्र जारी होने तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान मुकेश टम्टा, संदीप थपलियाल, अनूप सिंह, प्रमोद शर्मा, शैलेंद्र सिंह, उपेंद्र मेहता, मुकेश बोरा, पंकज कुमार, मनोज जोशी मौजूद रहे।