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हरिद्वार दुष्कर्म-हत्या केस: बच्ची की मां बेसुध और भाई गुमसुम, पिता की भी नहीं टूट रही खामोशी 

Tue, 22 Dec 2020 10:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • मासूम से दरिंदगी और हत्या से कॉलोनी के सभी लोग गमजदा 
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हरिद्वार में बच्ची की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरिद्वार नगर कोतवाली क्षेत्र में दरिंदगी की घटना के बाद से हर कोई गमजदा है। मासूम का परिवार और मोहल्ला ही नहीं पूरे शहर के लोगों की आंखों में आंसू हैं। मासूम की मां बीते 72 घंटे से बेसुध है तो पिता की खामोशी नहीं टूट पा रही है। छोटा भाई भी गुमसुम है। घर पर सांत्वना देने वालों की लंबी लाइन लगी है। किसी को समझ में नहीं आ रहा कि वह परिवार के लोगों को कैसे ढांढस बंधवाएं। 

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धर्मनगरी की इस कॉलोनी के लोगों के चेहरे पर दरिंदगी को लेकर गुस्सा और बेटी को खोने का गम साफ दिखाई दे रहा है। तीसरे दिन भी मोहल्ले के लोग शोक से नहीं उबर पाए हैं। अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी मामा-भांजा को हर कोई फांसी की सजा की मांग कर रहा है। पुलिस की भूमिका को लेकर भी लोग खुश नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस ने भी लापरवाही बरती है।  


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लोगों में इतना गुस्सा है कि आरोपी के घर के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी बना हुआ है। पुलिस को आशंका है कि लोगों का गुस्सा कभी भी भड़क सकता है। इसलिए जिलेभर की अलग-अलग थानों की फोर्स की तैनाती के साथ पीएसी को रिजर्व में रखा गया है। मासूम के साथ खेलने वाले बच्चे भी दहशत में हैं। घरों से बाहर निकलने से खौफ खा रहे हैं।

कालोनी के लोगों का कहना है कि बार-बार उसका चेहरा सामने आ रहा है। मां इतनी बेसुध है कि लोग ही उनके मुंह में पानी डाल रहे हैं। पिता लड़खड़ाती जुबान से बोलने भर की ताकत नहीं है। भाई कभी घर के इस कोने तो कभी दूसरे कोने पर बैठ जाता है। उसे इस बात का मलाल है यदि वह ट्यूशन नहीं जाता तो बहन उसके साथ छत पर ही पतंग उड़ा रही होती और यह हादसा नहीं होता। 

बाहर से बदरंग दिखने वाले घर के अंदर हर सुविधा

मासूम के साथ जिस मकान में दरिंदगी हुई मोहल्ले वालों ने पहली बार उसके अंदर कदम रखा। अंदर एशोआराम की सुविधाएं देख मोहल्ले वाले दंग रह गए। दो दशक में फर्श से अर्श तक पहुंचा राजीव कुमार पेशे से प्रॉपर्टी डीलर और कपड़े का बड़ा व्यापारी है। मोहल्ले में उसके दो मकान हैं। घटना स्थल वाला मकान करीब 15 साल पहले खरीदा है, जबकि दूसरा मकान दो साल पहले ही लिया है। राजीव का मोहल्ले में किसी से मेलजोल नहीं है।

इसलिए मोहल्ले के लोगों का उसके घर आना जाना नहीं था। वह अक्सर अपने घर में आता था और चला जाता था। भांजा रामतीरथ यादव केयरटेकर के रूप में वहां रहता था। मोहल्ले के लोग यही समझते थे कि रामतीरथ नौकर है। मोहल्ले के लोगों को घटना के दिन ही पता चला वह राजीव का भांजा है। शनिवार को ही मासूम के गायब होने पर तलाशी लेने मोहल्ले के लोग और मासूम के परिजन राजीव के घर के अंदर गए। तीन मंजिला मकान बाहर से बदरंग है।

सालों से रंगाई पुताई तक नहीं है। लेकिन घर के अंदर एशोआराम की हर सुविधा है। हर कमरे में आलीशान बेड और सोफे लगे हैं। शराब की बोतलें और जरूरत का हर सामान है। मोहल्ले के लोगों का यह भी आरोप है कि घर अय्यासी का अड्डा था। रात को लंबी लंबी गाड़ियां आती थी और सुबह उजाले से पहले चली जाती थी। 
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घटना की हो उच्च स्तरीय जांच

आरोपी रामतीरथ यादव के पुलिस को दिए बयान के मुताबिक दरिंदगी उसने अकेले की है। आरोपी के बयान से कालोनी के लोग और मासूम के परिवार वाले यकीन करने को तैयार नहीं हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि राजीव दरिंदगी में शामिल नहीं था तो भागा क्यों।

राजीव ने अपने भांजे को बचाने के लिए पुलिस और कालोनी के लोगों को गुमराह किया। दोनों रात के अंधेरे में शव को ठिकाना लगाने चाहते थे। मासूम के परिजनों और कालोनी के लोगों ने आशंका जताई है कि घटना को दो से अधिक लोगों ने अंजाम दिया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। 
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