काजी ने इस मामले को व्यवस्था के प्रश्न के तहत उठाया और कहा कि सामान्य स्थिति में यह चल जाएगा लेकिन मत विभाजन, अविश्वास प्रस्ताव के दौरान यह विवाद का विषय बनेगा। काजी ने यह भी कहा कि ऑनलाइन नोटिस या प्रश्न लगाने का भी कार्य संचालन नियमावली में कोई प्रावधान नहीं है।
कुछ विधायकों को अलग बिठाने पर यह मामला पहले भी उठा था। उस समय विधानसभा की ओर से कहा गया था अलग कमरे को भी सभा मंडप का हिस्सा माना गया है और विधानसभा की ओर से इस बारे में आदेश कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार सामाजिक दूरी के नियम के तहत सभा मंडप में कुल 39 विधानसभा सदस्य है।
शेष 30 के लिए विधानसभा में ही अलग कमरे में बैठने की व्यवस्था की गई है और इन्हें वर्चुअल तरीके से सभा मंडप से जोड़ा गया है। पीठ की ओर से कार्यसंचालन नियमावली में वर्चुअल और ऑनलाइन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।