महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मंगलवार को कनखल स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम पहुंचे और जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का आशीर्वाद लिया। इस बीच कई विषयों पर वार्ता की।
कोश्यारी ने कहा, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बने यह परिकल्पना है। कहा, राज्य में सामाजिक समरसता के साथ कार्यक्रमों में हिंदू भाई बहन एक साथ बैठें और एक साथ पूजा करें, इस समानता का प्रयास होना चाहिए। असमानता को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा, जो समाज सुधार का एक अंग है। उन्होंने प्रदेश में समान नागरिक संहिता बिल पास होने पर इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।
कहा, सरकार सिविल कोड लाई है, सभी ने उसका स्वागत किया है। स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका के सवाल पर कहा, आज मैं न तो पक्ष में हूं न विपक्ष में। केवल राष्ट्रवाद के रास्ते पर चल रहा हूं, जो अच्छा करता है उसके पीछे रहता हूं। सवाल उठाया कि कई अन्य भी चल रहे हैं, अगर नहीं चलते तो लोग मोदी की शरण में क्यों जाते।
Uttarakhand: सीएम धामी बोले- इन्वेस्टर समिट में हुए करार पर हो चुकी 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग
कोश्यारी ने कहा, इस देश में विपक्ष भी कह रहा है कि नेता तो सिर्फ मोदी है। पक्ष की बात तो दूर है। विदेश में यूएई जैसी जगह पर स्वामी नारायण का दिव्य मंदिर बन रहा है। कोई किसी भी दल या विचारधारा का है तो उसे लग रहा है विदेशों में भी भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। कहा, आज विपक्षी भी अंदरखाने सरकार की अच्छाइयों का गुणगान कर रहे हैं।
उन्होंने स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज को अनुकरणीय बताया। कहा, जगद्गुरु का बहुत पुराने समय से स्नेह मिल रहा है। जगद्गुरु एक संन्यासी हैं मैं सामान्य हूं। फिर भी मार्ग एक ही है, संन्यासी के रूप में वह कठिन तपस्या करते हैं। संतों के पास आने से प्रेरणा मिलती है। जो कार्य शिथिल गति से चल रहा है, उसमें तेजी आती है। मन को भी असीम शांति मिलती है।